
Cuba Opens Doors for Market: क्यूबा प्रेसिडेंट(फोटो-ANI)
Cuba Opens Doors for Market: उत्तरी अमरीका में साम्यवादी शासन वाले देश क्यूबा को अमरीकी दबाव के आगे झुकना पड़ा है। क्यूबा की अर्थव्यवस्था को वैश्विक बाजार के लिए खोलने का निर्णय लिया गया है। क्यूबा के पीएम मैनुएल मारेरो ने 200 फ्री-मार्केट सुधारों का पैकेज गुरुवार को संसद में पेश किया। जिसे पास भी कर दिया गया है। क्रांति होने के 70 साल बाद अर्थव्यवस्था के लिहाज से क्यूबा में आया सबसे बड़ा बदलाव है। बताते चलें कि अमरीका ने लगातार क्यूबा पर दबाव बनाया हुआ है। उसके वेनेजुएला से आने वाली तेल की आपूर्ति पर भी नाकेबंदी कर रखी है। इस कारण देश गंभीर आर्थिक संकट से भी जूझ रहा है। राष्ट्रपति मिगेल डियाज- कैनेल ने इससे पहले कहा था कि अमरीकी दबाव के बीच देश की अर्थव्यवस्था को टूटने से बचाने के लिए तुरंत बदलाव जरूरी हैं।
क्यूबा पर अमरीका ने छह दशक से व्यापार प्रतिबंध लगाए हुए हैं। लेकिन ट्रंप के आने के बाद क्यूबा की समुद्री नाकेबंदी कर उसे की जाने वाली तेल आपूर्ति को भी रोक दिया गया। तेल न मिलने के कारण क्यूबा में कई बार दिन दिन भर के लिए ब्लैक आउट करने पड़े। क्यूबा की अर्थव्यवस्था बुरी तरह से प्रभावित हो गई। कुछ दिन पहले अमरीका ने क्यूबा के पूर्व राष्ट्रपति 95 वर्षीय राउल कास्त्रो के विरुद्ध 1996 में दो विमानों को मार गिराए जाने के मामले में हत्या का आरोप लगाया था।
अमरीका से मात्र 90 मील दूर स्थित क्यूबा में 1959 में क्रांति के बाद फिडेल कास्त्रो की अगुवाई में साम्यवादी शासन की स्थापना हुई थी। विश्व में अभी पांच देशों में साम्यवादी शासन है। इसमें से चीन की कम्यूनिस्ट सरकार ने सालों पहले अपनी अर्थव्यवस्था को दुनिया के लिए खोल दिया था। जबकि उत्तर कोरिया, लाओस, क्यूबा और वियतनाम में अभी भी कम्यूनिस्ट शासन है।
Published on:
20 Jun 2026 05:20 am
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