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Currency Market: दुनिया का वो देश जहां आलू टमाटर की तरह बिकते हैं नोट, सड़कों पर लगती है मंडी

Currency Market: इस मंडी में भारी-भरकम राशि में नोट बिकते हैं. यहां तक कि चोर भी यहां चोरी नहीं करते।

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currency sold in Kilograms Market like vegetables in Somaliland

currency market in Somaliland

Currency Market: आपने लोगों को कई बार ताने के तौर पर कहते हुए सुना होगा कि पैसे क्या बाजार में बिकते हैं कि जाकर ले आएं, लेकिन आपको यकीन नहीं होगा कि इस कहावत को एक देश ने सच कर दिया है। जी हां आपने बिल्कुल सही सुना, यहां पर नोटों की एक मंडी लगती है, जहां किलो के भाव नोट बिकते हैं , पैसे बिकते हैं। और तो और ये नोट बेचने वाले लोग भी आलू-टमाटर की तरह इन्हें चिल्ला-चिल्लाकर बेचते हैं, कौन सा है ये देश और क्यों यहां नोटों की इस तरह की मंडी लगती है वो हम आपको बता रहे हैं।

कहां बिकता है इतना पैसा

नोटों की मंडी वाली ये जगह सोमालीलैंड में है। यहां की की राजधानी हर्गेइसा में एक बाजार लगता है। यहां लोग आते हैं, और सब्जी की तरह थैले में भरकर पैसे खरीदकर ले जाते हैं। ये कोई कल्पना नहीं बल्कि सच है जो इस छोटे से अफ्रीकी देश में सालों से चली आ रही है। ये सोमालीलैंड में रोजमर्रा की जिंदगी का एक वास्तविक हिस्सा है। हर्गेइसा बाजारों के फुटपाथ पर नोट विक्रेता इसी तरह से सालों से नोटों की गड्डियां रखकर बेच रहे हैं।

क्यों मंडी में बिक रहे हैं नोट

दरअसल पिछले कुछ सालों में सोमालीलैंड की मुद्रा शिलिंग में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले काफी गिरावट आ गई है। सन् 2000 में एक अमेरिकी डॉलर के बराबर होने में लगभग 10,000 शिलिंग लगते थे। 5 साल तेजी से आगे बढ़े और विनिमय दर में एक डॉलर का मूल्य लगभग 9,000 शिलिंग हो गया।

हालांकि, आज के समय में इसकी तस्वीर थोड़ी बदल गई है। अब एक अमेरिकी डॉलर की कीमत लगभग 600 शिलिंग है। डॉलर के मुकाबले शिलिंग के मूल्य में भारी गिरावट के उन दिनों में ही इस बाज़ार का जन्म हुआ था। तब लोग इस तरह पैसे बेचने लगे थे, जो आज तक चल रहा है।

सोमालीलैंड की पस्त हालत

देखा जाए तो इस अफ्रीकी देश की पस्त हालत भी इस बाजार के जरिए दुनिया के सामने आ रही है। बांग्लादेशी टका 6 सोमालीलैंड शिलिंग के बराबर है। हैरानी की बात है कि अगर 100 डॉलर के बदले शिलिंग की गिनती की जाए तो इसे लाने में एक छोटे ट्रक की जरूरत पड़ जाएगी।

चोर तक चोरी नहीं करते

यहां ये भी ध्य़ान देने वाली बात है कि इस मंडी में इतनी बड़ी राशि में नोट उपलब्ध है फिर भी यहां पर चोरी नहीं होती और ना ही विक्रेता और खरीददार को चोरी का कोई डर है। इसकी वजह है कि इस करेंसी का मूल्य इतना ज्यादा गिर गया है कि चोर इसे चोरी करने के लिए उत्साहित ही नहीं होते।