
प्रतीकात्मक छवि
Cyclone Asna: भारत और पाकिस्तान, दोनों देशों में एक ही तूफान दस्तक देने वाला है। इस तूफान का नाम असना है। जो 1976 के बाद कहर मचाने को आ रहा है। पाकिस्तान में बीते एक महीने से लगातार बारिश (Heavy Rain) और बाढ़ का कहर जारी है ऐसे में इस तूफान की दस्तक की खबर से पाकिस्तान (Pakistan) की जनता और ज्यादा चिंता में आ गई है। पाकिस्तान के मौसम विभाग ने भी तूफान के चलते कराची में भारी बारिश के साथ सीमावर्ती इलाकों में 1 सितंबर तक का अलर्ट जारी कर दिया गया है।
पाकिस्तान के मौसम विभाग ने शुक्रवार को अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि भारत (India) कच्छ के रण और आस-पास के इलाकों में बना गहरा दबाव (डीडी, बहुत मजबूत कम दबाव वाला क्षेत्र) पिछले 12 घंटों के दौरान धीरे-धीरे पश्चिम-दक्षिण-पश्चिम की ओर बढ़ गया है और अब ये कराची से लगभग 200 किमी पूर्व-दक्षिण-पूर्व में अक्षांश 23.5 एन और देशांतर 68.4 ई पर स्थित है। रिपोर्ट के मुताबिक ये सिस्टम सिंध तट के साथ पूर्वोत्तर अरब सागर में पश्चिम-दक्षिण-पश्चिम की ओर आगे बढ़ना जारी रखेगा। समुद्र की सतह के तापमान 28-29 डिग्री सेल्सियस के साथ शुक्रवार से ही ये चक्रवाती तूफान असना और तेज हो जाएगा।
मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक इसके प्रभाव से 31 अगस्त तक कराची संभाग, थारपारकर, बदीन, थट्टा, सुजावल, हैदराबाद, टीएम खान, टीए यार, मटियारी, उमरकोट, मीरपुरखास, संघर, जमशोरो, दादू और शहीद बेनजीराबाद जिलों में बहुत भारी और अलग-अलग स्थानों पर भारी से भारी बारिश के साथ तेज आंधी चलने की संभावना जताई गई है। वहीं 30 अगस्त से 1 सितम्बर के दौरान हब, लासबेला, अवारन, कीच और ग्वादर जिलों में बहुत भारी बारिश हो सकती है। भारी बारिश से सिंध-मकरान तट के निचले इलाकों में बाढ़ के हालात भी पैदा हो सकते हैं।
रिपोर्ट में बताया गया है कि असना तूफान के चलते 50-60 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलेंगी जो 70 किलोमीटर प्रति घंटे की गति तक पहुंच सकती हैं। सिंध के मछुआरों को 31 अगस्त तक तथा बलूचिस्तान के मछुआरों को 1 सितंबर तक समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है। पाकिस्तान के मौसम विभाग का कहना है कि PMD चक्रवात चेतावनी केंद्र, कराची इस सिस्टम पर बारीकी से नज़र रख रहा है।
Updated on:
30 Aug 2024 09:05 pm
Published on:
30 Aug 2024 02:51 pm
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