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शेख हसीना को वापस भेजने की मांग, बांग्लादेशी नागरिकों के लिए मेडिकल और बिजनेस वीजा होगा आसान

भारत और बांग्लादेश के बीच हुई उच्च स्तरीय बैठक में शेख हसीना को वापस भेजने का मुद्दा उठाया। बैठक में ऊर्जा सहयोग, वीजा सुविधा और जल समझौतों पर चर्चा हुई। दोनों देशों ने संबंध मजबूत करने और भविष्य में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई।
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भारत

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Ankit Sai

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Updated: 9 Apr 2026, 8:10 AM IST

भारत- बांग्लादेश

बांग्लादेश के विदेश मंत्री खालिलुर रहमान और एस. जयशंकर फाइल फोटो-पत्रिका

Improvement in India-Bangladesh Relations: भारत और बांग्लादेश के बीच संबंध हाल के महीनों में नए राजनीतिक बदलावों के कारण चर्चा में रहे हैं। बांग्लादेश के विदेश मंत्री खालिलुर रहमान ने भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात कर शेख हसीना को वापस भेजने की मांग दोहराई, वहीं भारत ने इस संवेदनशील मुद्दे पर सतर्क रुख अपनाते हुए सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। बैठक में ऊर्जा आपूर्ति, वीजा में राहत, व्यापार और कनेक्टिविटी जैसे अहम मुद्दों पर भी सहमति बनी। इससे दोनों देशों के रिश्तों को मजबूत करने की दिशा में सकारात्मक संकेत मिले हैं।

हसीना की वापसी पर औपचारिक मांग

बैठक के दौरान बांग्लादेश ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री तारिक रहमान के नेतृत्व वाली सरकार बांग्लादेश फर्स्ट नीति अपनाएगी, जो पारस्परिक विश्वास और लाभ पर आधारित होगी। बांग्लादेश ने शेख हसीना और उनके गृह मंत्री असदुज्जमान खान कमाल को वापस भेजने का औपचारिक अनुरोध किया, जिन्हें इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल ने मृत्युदंड दिया है। शेख हसीना पिछले साल अगस्त से दिल्ली में रह रही हैं। भारत ने इस संवेदनशील मुद्दे पर कोई स्पष्ट प्रतिबद्धता नहीं दी, लेकिन रचनात्मक संवाद की इच्छा जताई।

वीजा आसान, व्यापार को बढ़ावा

इस बैठक में ऊर्जा संकट प्रमुख मुद्दा रहा। बांग्लादेश ने भारत से डीजल और उर्वरक की आपूर्ति बढ़ाने का अनुरोध किया, जिस पर भारत ने सकारात्मक संकेत दिए। अलावा भारत ने बांग्लादेशीइसके नागरिकों के लिए मेडिकल और बिजनेस वीजा को आसान बनाने का भरोसा दिया। दोनों देशों ने व्यापार और कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट्स को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई, जिससे खासकर भारत के पूर्वोत्तर राज्यों को फायदा होगा।

सुरक्षा और जल समझौते पर बातचीत

सीमा सुरक्षा और प्रभावी बॉर्डर मैनेजमेंट भी चर्चा का अहम हिस्सा रहे। दोनों पक्षों ने गंगा जल संधि को नवीनीकृत करने और लंबे समय से लंबित तीस्ता जल बंटवारा समझौते पर बातचीत जारी रखने की जरूरत मानी। इसके अलावा हाल ही में हुई एक राजनीतिक कार्यकर्ता की हत्या के आरोपियों को प्रत्यर्पण संधि के तहत बांग्लादेश भेजने पर भी सहमति बनी। इस उच्च स्तरीय दौरे को नई बांग्लादेश सरकार की ओर से भारत के साथ रिश्तों को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। आने वाले समय में दोनों देशों के बीच और भी आधिकारिक बैठकें होने की संभावना है, जो क्षेत्रीय स्थिरता और सहयोग को नई दिशा दे सकती हैं।