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डायमंड वर्ल्ड के मालिक पर CID का छापा: 678 करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग, बिना बिल सोना-हीरा खरीदने का सनसनीखेज आरोप !

Diamond World Money Laundering: डायमंड वर्ल्ड के मालिक दिलीप कुमार अग्रवाल पर 678 करोड़ टका की मनी लॉन्ड्रिंग का मुकदमा दर्ज किया गया है। सीआईडी ने बिना वैध दस्तावेज सोना-हीरा तस्करी करने का आरोप लगाया है।

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भारत

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MI Zahir

Nov 18, 2025

Diamond World Money Laundering

डायमंड वर्ल्ड के मालिक दिलीप कुमार अग्रवाल। (फोटो: X Handle/ Prothom Alo)

Diamond World Money Laundering: बांग्लादेश की सबसे बड़ी ज्वैलरी चेन डायमंड वर्ल्ड के मालिक दिलीप कुमार अग्रवाल (Dilip Agrawal arrested) अब बड़ी मुसीबत में फंस गए हैं। अपराध जांच विभाग (CID) ने उन पर 678 करोड़ टका (लगभग 46,000 करोड़ रुपये) की मनी लॉन्ड्रिंग(Diamond World money laundering) का मुकदमा दर्ज कर लिया है। आरोप है कि उन्होंने बरसों तक तस्करी का सोना और हीरे बिना किसी वैध कागजात के खरीदे और काला धन सफेद किया। इधर CID की विशेष वित्तीय अपराध इकाई ने पिछले साल सितंबर में ही डायमंड वर्ल्ड (gold diamond smuggling Bangladesh) के बैंक खातों, लेन-देन और दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी थी। जांच में जो खुलासा हुआ, वह चौंकाने वाला है। कंपनी ने 2006 से 2024 तक सिर्फ 38.47 करोड़ टका का सोना-हीरा कानूनी तरीके से LC के जरिये आयात किया था। लेकिन इसी दौरान स्थानीय बाजार से उन्होंने 678 करोड़ टका का सोना और हीरे खरीदे -और एक भी वैध बिल या सप्लायर का नाम नहीं दे सके।

अग्रवाल लंबे समय से यह कारोबार कर रहे थे

CID का साफ कहना है -इतनी बड़ी मात्रा में सोना-हीरा सिर्फ तस्करी से ही आ सकता है। दिलीप अग्रवाल लंबे समय से इस धंधे में थे। वे तस्करी के माल को अपनी दुकानों में बेचते थे, काले धन को ज्वैलरी बिक्री दिखा कर बैंक में जमा करते थे और फिर उसे विदेशों में संपत्ति बनाने में लगाते थे। अब CID पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। सभी बैंक खाते, विदेशी लेन-देन, संदिग्ध लोगों के नाम और संपत्तियों की छानबीन होगी। यह केस मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम के तहत दर्ज हुआ है, जिसमें 12 साल तक की सजा और संपत्ति जब्त करने का प्रावधान है।

जनता और ज्वैलरी कारोबारियों का रिएक्शन

सोशल मीडिया पर लोग स्तब्ध हैं। कई लोग लिख रहे हैं -“जो हमें चमकदार ज्वेलरी बेच रहा था, खुद सबसे बड़ा तस्कर निकला।” बांग्लादेश के कई बड़े ज्वैलरी कारोबारी भी डरे हुए हैं। उनका कहना है कि इस केस के बाद हर बड़े ब्रांड की जांच हो सकती है। कुछ ने तो खुल कर कहा, “यह सिर्फ दिलीप नहीं, पूरा सिस्टम सड़ांध मार रहा है।”

अब आगे क्या होगा ?

CID सूत्र बता रहे हैं कि जल्द ही दिलीप अग्रवाल को गिरफ्तार किया जा सकता है। उनके ढाका, चटगांव और विदेशों में स्थित फ्लैट, प्लॉट और बैंक लॉकरों पर छापे पड़ने वाले हैं। साथ ही कई बड़े सप्लायर और हवाला कारोबारियों के नाम भी सामने आ सकते हैं। यह केस बांग्लादेश के ज्वैलरी सेक्टर में भूचाल ला सकता है।

असल में खेल क्या था ?

दरअसल, बांग्लादेश में सोना आयात करने पर भारी टैक्स और नियंत्रण है। ऐसे में तस्कर दुबई, भारत और म्यांमार से सोना-हीरा स्मगल करते हैं। फिर बड़े ज्वैलरी घराने बिना बिल इसे खरीद लेते हैं और ग्राहकों को ऊंचे दाम पर बेच कर मुनाफा कमाते हैं। इस पूरे खेल में काला धन सफेद हो जाता है। दिलीप अग्रवाल का केस सिर्फ एक शख्स का नहीं, पूरे सिस्टम का पर्दाफाश है।