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Italy : 12-12 घंटे डॉक्टर इसलिए पानी नहीं पीते, ताकि बाथरूम न जाना पड़े

-इटली (Italy) में कोरोना संक्रमितों (corona infected) को बचाने में जुटे डॉक्टर और नर्सों को दुनिया का सलाम

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Pushpesh Sharma

Apr 24, 2020

Italy : 12-12 घंटे डॉक्टर इसलिए पानी नहीं पीते, ताकि बाथरूम न जाना पड़े

Italy : 12-12 घंटे डॉक्टर इसलिए पानी नहीं पीते, ताकि बाथरूम न जाना पड़े

रोम.

ये इटली के बर्मागो और ब्रेशिया में कोरोना संक्रमितों के इलाज में दिन-रात जुटे डॉक्टर और नर्सेज हैं। इनके सपाट चेहरों पर थकान से ज्यादा उस दर्द के निशान हैं, जो 12-15 घंटे काम करने के बाद भी वायरस से संक्रमित कई जिंदगियों को नहीं बचा पाने से उभर आया। शुक्रवार को एक ही दिन में 969 लोगों ने अपनी जान गंवा दी। इसके साथ ही मौतों के मीटर पर इटली शीर्ष पर आ गया। शनिवार तक यह आंकड़ा दस हजार पार कर गया। जब एक लाख 13 हजार संक्रमितों के साथ अमरीका टॉप पर है।

Corona italy : गीत-संगीत से तोड़ रहे कोरोना की वीरानी

बर्मागो के ह्यमेनिट्स अस्पताल में आइसीयू नर्स डेनिएला टर्नो कहती हैं, हम जिन हालात से गुजर रहे हैं वह टैटू की तरह हैं, जिसे हम जीवनभर नहीं भूल पाएंगे। हम लोग कई बार 10-12 घंटे तक इसलिए पानी या कोई अन्य तरल पदार्थ नहीं पीते, ताकि बाथरूम न जाना पड़े। विशेष प्रकार के सूट और दस्तानों को पहनने और उतारने के कड़े नियम हैं, जरा सी लापरवाही का मतलब संक्रमण का शिकार। क्योंकि पहले ही देशभर में 7100 से अधिक स्वाथ्यकर्मी संक्रमित हो चुके हैं। उन्हें इलाज के लिए भेज दिया गया है। इनमें कुछ ठीक होने के बाद लौट आए जबकि 50 से अधिक अभी भी नहीं लौटे, जिन्हें मृत मान लिया गया है।

दोहरी जिम्मेदारी
डॉक्टर्स का कहना है कि हमें उनकी चिकित्सीय देखभाल के साथ ही परिजनों की तरह पेश आना होता है, खासकर वृद्ध रोगियों के साथ। क्योंकि दूसरी बीमारियों में उनकी पत्नी, बेटी, मां और बहन उनकी तीमारदारी कर सकती है, इसमें नहीं। उनका कहना है, हम मशीनों के साथ जी जान से जुटे हैं, लेकिन इंसानी मौजूदगी का अलग ही महत्व है। खासकर बुजुर्ग, जिनकी आंखों में एक अजीब सा खालीपन नजर आता है।