
ऐसे जवान दिखेंगे आप भी। (फोटो: X Handle/ Tara)
Neuroplasticity: हर शख्स जवान रहना और दिखना चाहता है। क्या आप जानते हैं कि उम्र बढ़ना केवल कैलेंडर की तारीखों का बदलना नहीं है, बल्कि यह आपके दिमाग की सेहत पर निर्भर करता है? हार्वर्ड के मशहूर न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. रुडोल्फ ई. टान्ज़ी का मानना है कि हम अपने दिमाग को "सुपर ब्रेन" बना सकते हैं और बुढ़ापे की प्रक्रिया को धीमा कर सकते हैं। उन्होंने अल्जाइमर जैसी बीमारियों पर दशकों तक शोध करने के बाद 'SHIELD' (शील्ड) नामक एक ऐसी जीवनशैली सुझाई है, जो किसी सुरक्षा कवच की तरह आपके दिमाग और शरीर की रक्षा करती है। आइए जानते हैं उन 6 आदतों के बारे में, जो आपको 70 की उम्र में भी 20 जैसा उत्साह दे सकती हैं।
नींद केवल थकान मिटाने के लिए नहीं है, बल्कि यह मस्तिष्क की सफाई का एक चक्र है। डॉ. टान्ज़ी के अनुसार, जब हम गहरी नींद में होते हैं, तो हमारा दिमाग 'एमाइलॉयड' जैसे जहरीले पदार्थों को बाहर निकालता है। यही वह कचरा है जो भविष्य में अल्जाइमर का कारण बनता है।
टिप: रोजाना 7-8 घंटे की नींद लें। सोने से एक घंटा पहले मोबाइल और टीवी से दूरी बना लें।
तनाव पर लगाम: कोर्टिसोल को कहें बाय-बाय
लगातार तनाव हमारे दिमाग में 'कोर्टिसोल' नामक जहर पैदा करता है। आज के डिजिटल युग में ईमेल और सोशल मीडिया के कारण तनाव चरम पर है। डॉ. टान्ज़ी तनाव दूर करने के लिए 'मौन' और 'ध्यान' की सलाह देते हैं।
टिप: हर एक-दो घंटे में अपनी आंखें बंद करें। दिमाग में चल रहे शब्दों और वाक्यों को रोककर केवल कल्पनाओं या तस्वीरों पर ध्यान केंद्रित करें।
अकेलापन दिमाग के लिए किसी बीमारी से कम नहीं है। जो लोग अकेले रहते हैं, उनमें मानसिक गिरावट तेजी से होती है। डॉ. टान्ज़ी कहते हैं कि अपने प्रियजनों से बात करना दिमाग को उत्साहित और सक्रिय रखता है।
टिप: हफ्ते में कम से कम एक बार उन दोस्तों से मिलें या बात करें जिनसे आपका भावनात्मक जुड़ाव है। सोशल मीडिया का इस्तेमाल सिर्फ स्क्रॉलिंग के लिए नहीं, बल्कि अपनों से जुड़ने के लिए करें।
शारीरिक गतिविधियों से दिमाग में रक्त का संचार बढ़ता है और नई तंत्रिका कोशिकाओं (New Nerve Cells) का जन्म होता है। शोध बताते हैं कि रोजाना पैदल चलना आपको अल्जाइमर के खतरे से कई साल दूर ले जा सकता है।
टिप: अगर जिम नहीं जा सकते, तो रोजाना 30 मिनट तेज चलें या साइकिल चलाएं।
जैसे-जैसे हम बड़े होते हैं, हम जोखिम लेना बंद कर देते हैं। लेकिन दिमाग को जवान रखने के लिए उसे चुनौती देना जरूरी है। नई भाषा सीखना, संगीत सीखना या कोई नया हुनर सीखना दिमाग में नए 'सिनेप्स' (संपर्क बिंदु) बनाता है।
टिप: डॉ. टान्ज़ी खुद 67 साल की उम्र में नया संगीत सीखते हैं। आप भी अपनी पसंद का कोई नया शौक पालें।
विज्ञान के अनुसार हमारी आंतों (Gut) का सीधा संबंध हमारे दिमाग से है। फल, सब्जियां, मेवे और जैतून के तेल से भरपूर 'भूमध्यसागरीय आहार' (Mediterranean Diet) सबसे बेस्ट है।
टिप: प्रसंस्कृत भोजन (Processed Food) से बचें। आंत के बैक्टीरिया को 'कुरकुरा' और फाइबर युक्त भोजन पसंद है, जो दिमाग की सूजन को कम करने में मदद करता है।
डॉ. टान्ज़ी के सह-लेखक दीपक चोपड़ा का मानना है कि सचेत जीवनशैली से हम अपनी आनुवंशिक सीमाएं (Genes) भी बदल सकते हैं।
हेल्थ एक्सपर्ट्स: चिकित्सा जगत इस बात से सहमत है कि दवाइयों से बेहतर 'बचाव' है, और SHIELD मॉडल इसी पर आधारित है।
बहरहाल,इस शोध का एक अहम पहलू यह है कि यह केवल स्वास्थ्य तक सीमित नहीं है, बल्कि कार्यक्षमता से भी जुड़ा है। डॉ. टान्ज़ी 67 साल की उम्र में पहले से कहीं अधिक सक्रिय हैं। यह साबित करता है कि अगर दिमाग दुरुस्त है, तो रिटायरमेंट की उम्र केवल एक संख्या है।
Updated on:
22 Jan 2026 02:21 pm
Published on:
21 Jan 2026 08:32 pm
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