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ट्रंप ने माना, भारत पर टैरिफ लगाने से संबंधों में पड़ी दरार

India-US Relations: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत पर टैरिफ लगाने से दोनों देशों के संबंधों में दरार पड़ी है। अब ट्रंप ने भी यह बात मान ली है।
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भारत

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Tanay Mishra

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Updated: 13 Sep 2025, 11:38 AM IST

Indian Prime Minister Narendra Modi and US President Donald Trump

Indian Prime Minister Narendra Modi and US President Donald Trump (Photo - IANS)

भारत (India) और अमेरिका (United States Of America) के संबंधों में पिछले कुछ समय में दरार पड़ गई है। इसकी वजह है अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) का 'टैरिफ वॉर'। ट्रंप ने भारत पर 50% टैरिफ लगाया हुआ है और इसी वजह से दोनों देशों के संबंधों में दरार पड़ी है। ट्रंप लगातार भारत को रूस (Russia) से तेल न खरीदने की धमकी भी दे रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद भारत ने रूस से तेल खरीदना बंद नहीं किया है। टैरिफ के इस मामले में अब ट्रंप ने एक बड़ी बात कही है।

ट्रंप ने माना, भारत पर टैरिफ लगाने से संबंधों में पड़ी दरार

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने पहली बात सार्वजनिक रूप से यह स्वीकार किया है भारत पर टैरिफ लगाने से दोनों देशों के संबंधों में दरार पड़ी है। ट्रंप ने एक इंटरव्यू के दौरान इस विषय पर बात करते हुए कहा, "भारत, रूस का सबसे बड़ा ग्राहक (तेल खरीदने के मामले में) है। मैंने भारत पर 50% टैरिफ लगाया है क्योंकि वो रूस से तेल खरीद रहे हैं। ऐसा करना आसान नहीं है। यह एक बड़ी बात है और इस वजह से भारत के साथहमारे संबंधों में दरार पड़ी है।"

कौन है रूसी तेल का सबसे बड़ा ग्राहक?

ट्रंप ने भले ही भारत को रूसी तेल का सबसे बड़ा ग्राहक बता रहे हैं, पर ऐसा नहीं है। रूस से सबसे ज़्यादा मात्रा में तेल चीन (China) खरीदता है। हालांकि इसके लिए ट्रंप ने चीन पर कोई एक्स्ट्रा टैरिफ नहीं लगाया है।

क्या है असल वजह?

कई एक्सपर्ट्स का मानना है कि रूसी तेल तो सिर्फ एक बहाना है। असल में ट्रंप ने भारत पर इसलिए टैरिफ लगाया है क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने भारत-पाकिस्तान सीज़फायर के लिए ट्रंप को क्रेडिट नहीं दिया और न ही शांति के नोबेल पुरस्कार के लिए नामांकित किया। पीएम मोदी ने कई मौकों पर यह साफ कर दिया है कि भारत और पाकिस्तान के बीच सीज़फायर में किसी भी तीसरे पक्ष की कोई भूमिका नहीं थी। बाद में पाकिस्तान की तरफ से भी यह बात स्वीकार कर ली गई थी कि सीज़फायर के लिए उन्होंने अमेरिका से नहीं, भारत से ही संपर्क किया था।

संबंधों को सुधारने की कोशिश कर रहे हैं ट्रंप?

भारत और अमेरिका के संबंधों में पड़ी दरार जगजाहिर है। ट्रंप को भी इस बात का पता है। ऐसे में अब लग रहा है कि वह, भारत से संबंधों को सुधारने की कोशिश कर रहे हैं। पिछले कुछ दिन में ट्रंप के सुर बदल गए हैं और वह भारत और पीएम मोदी के बारे में बड़ी ही विनम्रता से बात कर रहे हैं। साथ ही ट्रंप ने कई मौकों पर पीएम मोदी को अपना अच्छा दोस्त भी बताया है और कहा है कि दोनों हमेशा अच्छे दोस्त रहेंगे और भारत-अमेरिका के बीच जल्द ही ट्रेड डील होगी।