
Donald Trump and Ali Khamenei (Photo - Times Of Israel's social media)
अमेरिका (United States Of America) और ईरान (Iran) के बीच तनाव बढ़ता ही जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) लगातार ईरान को युद्ध की धमकियाँ दे रहे हैं। ट्रंप ने ईरान के पास शक्तिशाली नौसेना बेड़ा भी तैनात कर दिया है जिसमें कई वॉरशिप्स और फाइटर जेट्स शामिल हैं। मिडिल ईस्ट में सभी अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मौजूद सैनिक भी अलर्ट मोड पर हैं। अब तक दोनों देशों के प्रतिनिधियों में दो दौर की वार्ताएं हो चुकी हैं, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।
अमेरिका और ईरान के बीच तीसरे दौर की वार्ता पर सहमति बन गई है। दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच 27 फरवरी को स्विट्ज़रलैंड के जेनेवा में तीसरे दौर की वार्ता होगी, जिसकी पुष्टि ओमान (Oman) के विदेश मंत्री बदर बिन हमद अल बुसैदी (Badr bin Hamad Al Busaidi) ने भी की है।
लगातार बढ़ते तनाव के बीच ट्रंप की तरफ से ईरान को अल्टीमेटम दिया जा चुका है। ट्रंप ने कुछ दिन पहले ईरान को 10-15 दिन का समय दिया था और साफ कर दिया था कि परमाणु मुद्दे पर ईरान को अमेरिका की सभी शर्तें माननी होंगी। इतना ही नहीं, ट्रंप यह भी चाहते हैं कि ईरान अपनी लॉन्ग रेंज बैलिस्टिक मिसाइलें भी छोड़ दे। ईरान परमाणु मुद्दे पर बातचीत के लिए तैयार है और पहले ही साफ कर चुका है कि वो परमाणु हथियार नहीं बनाना चाहता, लेकिन उसने भी साफ कर दिया है कि ईरान की सभी शर्तों के आगे नहीं झुकेगा। ईरान शांति चाहता है, लेकिन ट्रंप की धमकियों के आगे झुकने के लिए तैयार नहीं है।
ट्रंप के अल्टीमेटम के अनुसार ईरान के पास 5 मार्च तक की डेडलाइन है। संभावना जताई जा रही है कि डेडलाइन के खत्म होने तक अगर दोनों देशों में सहमति नहीं बनी, तो अमेरिका, ईरान पर हमला कर सकता है। वहीं ईरान की सेना भी युद्ध की तैयारियों में जुटी हुई है। कुछ दिन पहले ही खुफिया सूत्रों से खबर आई थी कि अगर अमेरिका की तरफ से ईरान पर हमला किया जाता है, तो ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई (Ali Khamenei) और उनके सबसे बड़े बेटे मुस्तफा खामेनेई (Mostafa Hosseini Khamenei) को निशाना बनाया जा सकता है। ईरान में एक बार फिर छात्र विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं, जिससे तनाव फिर बढ़ गया है।
इसी बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान (Masoud Pezeshkian) ने सोशल मीडिया पर लिखा, "ईरान मिडिल ईस्ट में शांति और स्थिरता के लिए प्रतिबद्ध है। हाल में हुई वार्ता में व्यावहारिक प्रस्तावों का आदान-प्रदान हुआ और उत्साहजनक संकेत मिले। हालांकि हम अमेरिकी कार्रवाइयों पर कड़ी नजर रख रहे हैं और किसी भी संभावित स्थिति के लिए सभी आवश्यक तैयारियाँ कर चुके हैं।"
Updated on:
23 Feb 2026 12:58 pm
Published on:
23 Feb 2026 12:25 pm
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