
अमेरिका और चीन रमज़ान व ईद पर मेहरबान। ( फोटो: AI)
Muslim Community: दुनिया भर के मुस्लिम समुदाय (Muslim Community) के लिए इस बार रमज़ान (Ramadan 2026) और ईद से पहले दो अलग-अलग देशों से बेहद शानदार और राहत भरी ख़बरें सामने आई हैं। अमेरिका और चीन की सरकारों ने मुस्लिम समुदाय को ध्यान में रखते हुए दो ऐसे बड़े फ़ैसले (Washington State Holiday) लिए हैं, जिनकी हर तरफ़ चर्चा हो रही है। जहां एक तरफ़ अमेरिका में मुसलमानों के सबसे बड़े त्योहारों को आधिकारिक पहचान मिली है, वहीं दूसरी तरफ़ चीन ने रमज़ान के महीने में रोज़ेदारों की जेब का बोझ कम (China Tax Free Food) करने का क़दम उठाया है।
अमेरिका में रहने वाले मुसलमानों को अब अपने त्योहार मनाने के लिए संघर्ष नहीं करना पड़ेगा। वाशिंगटन अमेरिका का पहला ऐसा राज्य बन गया है, जिसने ईद-उल-फ़ित्र और ईद-उल-अज़हा (बकरीद) को आधिकारिक तौर पर राजकीय अवकाश घोषित कर दिया है। इसके साथ ही प्रशासन ने 18 फ़रवरी से 19 मार्च 2026 तक रमज़ान के महीने की आधिकारिक घोषणा भी कर दी है। यह ऐतिहासिक फ़ैसला इस बात का सुबूत है कि अमेरिकी मुख्यधारा में मुसलमानों की अहमियत और उनके योगदान को अब पूरी तरह से स्वीकार किया जा रहा है। इससे छात्रों और कर्मचारियों को बिना किसी नुक़सान के अपने परिवार के साथ त्योहार मनाने का मौक़ा मिलेगा।
दूसरी ओर, चीन ने भी रमज़ान के पवित्र महीने को देखते हुए एक बड़ी आर्थिक राहत का ऐलान किया है। चीनी प्रशासन ने रमज़ान के दौरान इस्तेमाल होने वाली ज़रूरी खाने-पीने की चीज़ों पर 'ज़ीरो परसेंट टैक्स' (0% Tax) लागू कर दिया है। इस फ़ैसले के बाद बाज़ार में खजूर, दूध, फल और अन्य आवश्यक खाद्य सामग्रियों की क़ीमतें बहुत कम हो जाएंगी। अधिकारियों का कहना है कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य रमज़ान के दौरान खाने की सप्लाई सुचारू रखना और रोज़ा रखने वाले लोगों पर महंगाई का आर्थिक बोझ कम करना है, ताकि वे आसानी से अपना त्योहार मना सकें।
इन दोनों फ़ैसलों पर वैश्विक स्तर पर ज़बरदस्त और सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। अमेरिकी मुसलमानों ने वाशिंगटन प्रशासन के फ़ैसले को 'धार्मिक स्वतंत्रता और समानता की जीत' बताया है। वहीं, चीन के आर्थिक फ़ैसले की भी लोग सोशल मीडिया पर ख़ूब तारीफ़ कर रहे हैं। आम लोगों का कहना है कि रोज़ेदारों के लिए खाने-पीने की चीज़ों का सस्ता होना एक बहुत बड़ी और व्यावहारिक मदद है।
वाशिंगटन के इस ऐतिहासिक फ़ैसले के बाद अब निगाहें न्यूयॉर्क, कैलिफ़ोर्निया और टेक्सास जैसे राज्यों पर टिक गई हैं, जहां मुस्लिम आबादी काफ़ी ज़्यादा है। क्या वहां भी जल्द ही ईद की सरकारी छुट्टी का क़ानून पास होगा?
टैक्स फ़्री होने के बाद ज़मीनी स्तर पर बाज़ारों में दुकानदार खजूर और दूध जैसी चीज़ों के दाम कम कर रहे हैं या नहीं, इस पर प्रशासन की मॉनिटरिंग पॉलिसी क्या होगी।
अमेरिका में सरकारी छुट्टी और चीन में टैक्स छूट के कारण दोनों देशों में इस बार रमज़ान और ईद की शॉपिंग में भारी उछाल आने की उम्मीद है। कपड़ों, हलाल फ़ूड और गिफ़्ट बाज़ार को इसका सीधा आर्थिक फ़ायदा मिलेगा।
Updated on:
23 Feb 2026 01:14 pm
Published on:
23 Feb 2026 01:12 pm
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