
पाकिस्तान में धमाका। (फोटो- X/@Mukundshahi73)
पाकिस्तान में रमजान के पहले दिन बड़ा धमाका हुआ है। खाना बनाते वक्त कराची के सोल्जर बाजार में अचानक एक गैस ब्लास्ट हो गया। जिससे रिहायशी इमारत ढह गई।
इस हादसे में 16 लोगों की जान चली गई है, जिसमें 8 बच्चे भी शामिल हैं। यह धमाका रमजान के पहले दिन सेहरी की तैयारी के दौरान सुबह 4:15 बजे हुआ।
ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, ब्लास्ट में 13-14 बच्चों के घायल होने की सूचना है। पुलिस और बचाव अधिकारियों के मुताबिक, बिल्डिंग का एक हिस्सा गिरने से इलाके को ज्यादा नुकसान हुआ है।
पुलिस ने बताया कि यह धमाका सुबह-सुबह हुआ, जब रिहायशी इलाके में लोग रमजान के पहले दिन सुबह का खाना बना रहे थे। रेस्क्यू टीमें मलबे में फंसे जिंदा लोगों को ढूंढने के लिए मलबा हटा रही हैं।
इस बीच, पाकिस्तान के प्रेसिडेंट आसिफ अली जरदारी ने इस हादसे पर दुख जताया है। वहीं, पीड़ितों के परिवारों के प्रति अपनी संवेदना जताई है।
उन्होंने अधिकारियों को घायलों को सबसे अच्छी मेडिकल केयर देने का निर्देश दिया है। साथ ही बचाव का काम जल्दी पूरा करने को कहा।
प्रेसिडेंट ने सिंध प्रांत की सरकार से बिल्डिंग कोड लागू करने, गैस सिलेंडर की सेफ्टी चेक करने और आगे ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पूरी जांच करने की भी अपील की है।
बता दें कि यह देश में पहला जानलेवा गैस एक्सीडेंट नहीं है। इससे पहले जुलाई 2025 में इस तरह का हादसा देखने को मिला था। इस्लामाबाद में एक शादी के रिसेप्शन में गैस धमाके में दूल्हा-दुल्हन समेत आठ लोगों की मौत हो गई थी।
बम डिस्पोजल स्क्वॉड के एक अधिकारी आबिद फारूक के हवाले से 'डॉन' न्यूज ने बताया कि यह घटना गैस लीक की वजह से हुई थी। धमाका किसी के माचिस जलाने से हुआ था।
अधिकारी ने बताया कि जिस बिल्डिंग में यह हादसा हुआ वह प्रीकास्ट बिल्डिंग थी, जो चारों तरफ से एक पतली गली से ढकी हुई थी।
उन्होंने कहा कि पहली मंजिल पर किचन में गैस फिटिंग ठीक नहीं थी, जबकि बाकी सभी जगहों पर गैस सप्लाई के लिए प्लास्टिक के पाइप लगाए गए थे। लोगों के हवाले से अधिकारी ने कहा कि इलाके में कई दिनों से गैस सप्लाई नहीं थी, लेकिन बुधवार रात को यह अचानक बढ़ गई।
पुलिस ने कहा कि ज्यादातर मौतें सिर पर चोट लगने से हुईं। सोल्जर बाजार स्टेशन हाउस ऑफिसर रिजवान पटेल ने मीडिया से कहा कि घटना की FIR अभी तक दर्ज नहीं हुई है।
ऑफिसर ने कहा कि ऊपर के अधिकारियों के निर्देशों के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी। वहीं, एक अन्य सीनियर अधिकारी ने कहा- यह कोई लीगल बिल्डिंग नहीं है, इसके गिरने से आस-पास के स्ट्रक्चर को भी नुकसान हुआ है।
Updated on:
19 Feb 2026, 9:34 PM IST
Published on:
19 Feb 2026, 8:47 PM IST
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