
Donald Trump (Photo - Washington Post)
ईरान-अमेरिका इज़रायल युद्ध (Iran-US Israel War) का आज 19वां दिन है। इस युद्ध की वजह से ईरान में जान-माल का भारी नुकसान हुआ है, लेकिन इसके बावजूद वो अमेरिका और इज़रायल का डटकर सामना कर रहा है। ईरान न सिर्फ इज़रायल को निशाना बना रहा है, बल्कि मिडिल ईस्ट में अमेरिका के सहयोगी देशों पर भी मिसाइलें और ड्रोन दाग रहा है, जिससे वहाँ भी नुकसान हो रहा है। इसके अलावा होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) को लेकर भी ईरान का सख्त रुख है। भारत (India) समेत कुछ चुनिंदा देशों के जहाज़ों को ही निकलने की अनुमति दी जा रही है। होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान के रुख से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) काफी नाराज़ हैं। हालांकि अमेरिका चाहकर भी होर्मुज स्ट्रेट को नहीं खोल सकता। इसी वजह से ट्रंप ने अपने सहयोगी देशों से मदद मांगी थी, लेकिन उन्होंने ऐसा करने से इनकार कर दिया।
चीन (China), जापान (Japan), ऑस्ट्रेलिया (Australia) और नाटो (NATO) देशों (मुख्य रूप से यूरोपीय देश) ने होर्मुज स्ट्रेट खोलने के लिए ट्रंप के प्रस्ताव के अनुसार अपने युद्धपोत भेजने से इनकार कर दिया है। इससे ट्रंप नाराज़ हो गए हैं और उनका नाटो पर गुस्सा फूट पड़ा है। ट्रंप ने नाटो को एकतरफा और फायदेमंद गठबंधन बताया। ट्रंप ने कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिका की मदद न करते हुए नाटो बेवकूफी भरी गलती कर रहा है और ऐसे में अमेरिका को भी भविष्य में नाटो के प्रति अपने समर्थन के बारे में फिर से सोचने की ज़रूरत है।
ट्रंप ने नाटो के रवैये पर नाराज़गी जताते हुए कहा, "ईरान के खिलाफ हमें मदद की ज़रूरत नहीं है। अमेरिका हमेशा ही नाटो की मदद करता रहा है, लेकिन नाटो की तरफ से अमेरिका की मदद नहीं की जाती, जो गलत है। नाटो को हमारी मदद के लिए खड़े रहना चाहिए था, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। हालांकि हमने अपने दम पर ही ईरान को सबक सिखा दिया है और ईरान की नौसेना, वायुसेना, रडार सब कुछ नष्ट कर दिया है। ऐसे में अब नाटो की मदद की हमें कोई ज़रूरत नहीं है।"
Updated on:
18 Mar 2026 08:14 am
Published on:
18 Mar 2026 08:12 am
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