जैसे-जैसे सीज़फायर खत्म होने की तारीख नज़दीक आ रही है, वैसे-वैसे चिंता भी बढ़ती जा रही है। अगर ईरान में फिर से युद्ध शुरू हो गया, तो एक बार फिर से तबाही का सिलसिला शुरू हो जाएगा। हालांकि अब ट्रंप के सुर बदले हुए नज़र आ रहे हैं और वह युद्ध को खत्म करने के लिए समझौते पर जोर दे रहे हैं। ईरान भी साफ कर चुका है कि उसकी शर्तें मान ली जाए, तो वो युद्ध खत्म करने के लिए राजी हो जाएगा। अगर पेंच कहीं फंस सकता है, तो वो इज़रायल (Israel) पर है। इज़रायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू (Benjamin Netanyahu) कह चुके हैं कि ईरान के खिलाफ युद्ध खत्म नहीं होगा। ऐसे में ट्रंप के लिए यह ज़रूरी होगा कि न सिर्फ ईरान को समझौते के लिए तैयार करें, बल्कि नेतन्याहू को भी युद्ध रोकने के लिए राज़ी करें।