
Donald Trump (Photo - Washington Post)
अमेरिका (United States of America) और ईरान (Iran) के बीच 8 अप्रैल को 2 हफ्ते का सीज़फायर लागू हुआ था, जो 21 अप्रैल को खत्म हो जाएगा। सीज़फायर के बाद फिर से युद्ध शुरू न हो, इसके लिए कुछ दिन पहले ही पाकिस्तान (Pakistan) के इस्लामाबाद (Islamabad) में दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच पहले दौर की शांति-वार्ता हुई, जो विफल रही। हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने हाल ही में कहा है कि आने वाले दो दिन में दोनों देशों के बीच पाकिस्तान में फिर से शांति-वार्ता हो सकती है। अब ट्रंप ने सीज़फायर और युद्ध पर बड़ा बयान दिया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने एक इंटरव्यू के दौरान कहा है कि वह ईरान के साथ चल रहे सीज़फायर को आगे बढ़ाने पर विचार नहीं कर रहे हैं। ट्रंप ने साफ कर दिया कि सीज़फायर की समय-सीमा बढ़ाने की जरूरत नहीं है।
ट्रंप ने इंटरव्यू के दौरान कहा, "मैं सीज़फायर आगे बढ़ाने के बारे में सोच भी नहीं रहा हूं। मुझे लगता है कि यह ज़रूरी नहीं होगा। आने वाले दो दिन में कमाल का घटनाक्रम देखने को मिलेगा। मेरा मानना है कि ईरान के साथ स्थायी समझौता बेहतर विकल्प है, जिससे ईरान फिर से पहले जैसा बन सकता है। बातचीत के ज़रिए स्थायी शांति संभव है।"
जैसे-जैसे सीज़फायर खत्म होने की तारीख नज़दीक आ रही है, वैसे-वैसे चिंता भी बढ़ती जा रही है। अगर ईरान में फिर से युद्ध शुरू हो गया, तो एक बार फिर से तबाही का सिलसिला शुरू हो जाएगा। हालांकि अब ट्रंप के सुर बदले हुए नज़र आ रहे हैं और वह युद्ध को खत्म करने के लिए समझौते पर जोर दे रहे हैं। ईरान भी साफ कर चुका है कि उसकी शर्तें मान ली जाए, तो वो युद्ध खत्म करने के लिए राजी हो जाएगा। अगर पेंच कहीं फंस सकता है, तो वो इज़रायल (Israel) पर है। इज़रायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू (Benjamin Netanyahu) कह चुके हैं कि ईरान के खिलाफ युद्ध खत्म नहीं होगा। ऐसे में ट्रंप के लिए यह ज़रूरी होगा कि न सिर्फ ईरान को समझौते के लिए तैयार करें, बल्कि नेतन्याहू को भी युद्ध रोकने के लिए राज़ी करें।
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Updated on:
15 Apr 2026 12:05 pm
Published on:
15 Apr 2026 11:48 am
