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ट्रंप का बड़ा बयान – ‘ईरान से समझौता होने तक होर्मुज स्ट्रेट से नहीं हटेगी अमेरिकी नाकेबंदी’

Strait of Hormuz Blockade: होर्मुज स्ट्रेट से अमेरिकी नाकेबंदी हटाने का अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा बयान दिया है। क्या कहा ट्रंप ने? आइए जानते हैं।
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भारत

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Tanay Mishra

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Updated: 21 Apr 2026, 7:02 AM IST

Donald Trump

Donald Trump (Washington Post)

ईरान (Iran) और अमेरिका (United States of America) के बीच लागू हुए दो हफ्ते के सीज़फायर का आज, मंगलवार, 21 अप्रैल को आखिरी दिन है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) कह चुके हैं कि सीज़फायर आगे नहीं बढ़ेगा, लेकिन उन्होंने ईरान से समझौता होने की उम्मीद भी जताई है। ईरान और अमेरिका के बीच शांति वार्ता का दूसरा दौर आज पाकिस्तान (Pakistan) के इस्लामाबाद (Islamabad) शहर में होना तय हुआ है। दोनों पक्ष युद्ध को पूरी तरह से खत्म करने के लिए स्थायी समझौते पर पहुंचना चाहते हैं, लेकिन ईरान ने यह भी साफ कर दिया है कि धमकियों के बीच वो किसी तरह की शांति-वार्ता का हिस्सा नहीं बनेगा। तनाव और अमेरिकी नाकेबंदी के बीच ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) को भी फिर से बंद कर दिया है। इसी बीच अब ट्रंप ने एक बड़ा बयान दिया है।

कब हटेगी होर्मुज स्ट्रेट से अमेरिकी नाकेबंदी?

ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट से अमेरिकी नाकेबंदी हटाने के बारे में एक बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने कहा है कि ईरान से समझौता होने तक होर्मुज स्ट्रेट से अमेरिकी नाकेबंदी नहीं हटेगी। ट्रंप का मानना है कि होर्मुज स्ट्रेट में अमेरिकी नाकेबंदी से ईरान को काफी नुकसान हो रहा है जिससे उस पर दबाव बढ़ रहा है और जब तक दोनों पक्षों के बीच समझौता नहीं होता, तब तक यह नाकेबंदी जारी रहेगी।

ट्रंप ने ईरान को दिया बेहतर प्रस्ताव

ईरान और अमेरिका के बीच शांति-वार्ता के दूसरे दौर से पहले ट्रंप ने बताया कि उन्होंने ईरान को बेहतर प्रस्ताव दिया है। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि ईरान के साथ होने वाला नया समझौता पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपतियों बराक ओबामा (Barack Obama) और जो बाइडन (Joe Biden) के JCPOA (ईरान न्यूक्लियर डील) से कहीं बेहतर होगा। पुराने समझौते को ट्रंप अमेरिकी सुरक्षा के लिए खराब मानते हैं। गौरतलब है कि ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान अमेरिका 2018 में इस समझौते से हट गया था, लेकिन बाद में बाइडन के कार्यकाल में यह समझौता फिर से प्रभाव में आ गया था और अब ट्रंप इसकी जगह ईरान से एक नया और बेहतर समझौता करने के लिए तैयार हैं