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ट्रंप ने दी सुप्रीम कोर्ट को चेतावनी, टैरिफ हटाए तो अमेरिकी सुरक्षा के लिए होगा खतरा

Trump's Warning To Supreme Court: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सुप्रीम कोर्ट को चेतावनी दी है। क्या है पूरा मामला? आइए नज़र डालते हैं।

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भारत

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Tanay Mishra

Dec 10, 2025

Trump cash offer Greenland people

Donald Trump (Photo - Washington Post)

अमेरिका (United States of America) के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने दुनियाभर में 'टैरिफ वॉर' (Tariff War) छेड़ रखा है और इसके तहत कई देशों पर टैरिफ लगाए हुए हैं। ट्रंप का मानना है कि ये टैरिफ अमेरिकी अर्थव्यवस्था के लिए फायदेमंद हैं। हालांकि अभी तक अमेरिका के लिए इसका कोई प्रत्यक्ष फायदा देखने को नहीं मिला है। टैरिफ को लेकर ट्रंप न सिर्फ दुनियाभर में घिरे हुए हैं, बल्कि अमेरिका में भी टैरिफ का विरोध हो रहा है। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में टैरिफ मामले पर केस भी चल रहा है। इसी सिलसिले में अब ट्रंप ने सुप्रीम कोर्ट को चेतावनी दी है।

"टैरिफ हटाए तो अमेरिकी सुरक्षा के लिए होगा खतरा"

ट्रंप ने सुप्रीम कोर्ट को चेतावनी दी है कि अगर उनके लगाए गए टैरिफ के खिलाफ फैसला देते हुए उन्हें हटाया, तो अमेरिका की सुरक्षा के लिए खतरा होगा। ट्रंप का मानना है कि टैरिफ पर अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का नकारात्मक फैसला देश की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए इतिहास का सबसे बड़ा खतरा होगा और इससे अमेरिका वित्तीय रूप से कमजोर हो जाएगा।

"अमेरिकी अर्थव्यवस्था और सुरक्षा के लिए टैरिफ ज़रूरी"

ट्रंप का दावा है कि टैरिफ अमेरिकी अर्थव्यवस्था को मज़बूत बनाते हैं और इससे राष्ट्रीय सुरक्षा भी बढ़ती है। ट्रंप के अनुसार उनके लगाए टैरिफ से अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा बहुत मज़बूत हुई है और वित्तीय रूप से भी अमेरिका को काफी मज़बूती मिली है, जिससे अर्थव्यवस्था को फायदा हुआ है।

टैरिफ पर कब आ सकता है सुप्रीम कोर्ट का फैसला?

सुप्रीम कोर्ट ने 9 सितंबर को टैरिफ मामले पर सुनवाई स्वीकार की और त्वरित प्रक्रिया अपनाई। नवंबर में इस मामले पर सुनवाई की प्रक्रिया शुरू हो गई थी, जो अभी भी जारी है। टैरिफ मामले की संवेदनशीलता के कारण सुप्रीम कोर्ट जल्द ही फैसला सुना सकता है। इस बात की संभावना है कि सुप्रीम कोर्ट इसी महीने या अगले महीने की शुरुआत में फैसला सुना सकता है। हालांकि अगर सुप्रीम कोर्ट की बेंच इस मामले पर एकमत नहीं हुई, तो फैसला सुनाने में देरी हो सकती है।