
rape case (Demo pic)
Pakistani brothers jailed in UK: पाकिस्तान मूल के दो भाइयों की शर्मनाक करतूतों को लेकर पूरे ब्रिटेन में गुस्सा है। अदालत ने उन्हें बलात्कार और शोषण के मामले में जेल की सजा सुनाई है। दोनों आर्थिक रूप से कमजोर और परेशान लड़कियों को अपना शिकार बनाते थे। अदालत में सुनवाई के दौरान, एक पीड़िता ने दोनों पाकिस्तानियों को 'धरती का कूड़ा' करार दिया।
मंज़ोर हुसैन (54) और इम्तियाज अली (53) को 13-16 साल की पांच लड़कियों के बलात्कार और शोषण के लिए जेल की सजा सुनाई गई है। मैनचेस्टर मिनशुल स्ट्रीट क्राउन कोर्ट ने मंज़ोर हुसैन को 30 वर्ष और इम्तियाज को 28 वर्ष के लिए जेल भेज दिया है। दोनों ने अलग-अलग जगहों पर लड़कियों के साथ बलात्कार किया, फिर उन्हें दूसरे लोगों को सौंप दिया। पुलिस जांच में यह बात सामने आई थी कि पाकिस्तानी मूल के तीन भाइयों ने घर, कार, होटल और कई दूसरे स्थानों पर लड़कियों का शोषण किया। मंज़ोर और इम्तियाज़ का बड़ा भाई गुलाम फिलहाल फरार है।
इस मामले के खुलासे के बाद पुलिस ने गुलाम हुसैन (64) को गिरफ्तार कर लिया था। लेकिन वह देश छोड़कर भाग गया। माना जाता है कि वह पाकिस्तान में छिपा हुआ है। पुलिस के मुताबिक, इम्तियाज अली 1996 में पाकिस्तान से यूके आया था। इसके ठीक बाद से ही उसने अपने रिश्तेदारों के साथ मिलकर लड़कियों को शिकार बनाना शुरू कर दिया। तीनों ऐसी लड़कियों को अपने जाल में फंसाते थे जो आर्थिक रूप से कमजोर होतीं या किसी पारिवारिक परेशानी का सामना कर रही होतीं।
लड़कियों को ड्रग्स देकर बेहोश किया जाता फिर आरोपी बारी-बारी से उनका बलात्कार करते। इसके बाद उन्हें दूसरे पुरुषों को सौंप दिया जाता था। सुनवाई के दौरान न्यायाधीश बर्नाडेट बैक्सटर ने हुसैन से कहा कि तुम्हें अपने अपराध का जरा भी पछतावा नहीं है। अदालत ने 1990 के दशक के आखिरी की इस वारदात को 'कैंपेन ऑफ रेप' करार देते हुए पाकिस्तानी मूल के दोनों कजिन भाइयों को जेल की सजा सुनाई। यह पूरा मामला तब सामने आया जब एक पीड़िता ने हिम्मत दिखाकर आरोपियों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
ग्रेटर मैनचेस्टर पुलिस के चीफ इंस्पेक्टर इयान पार्टिंगटन ने बताया कि इम्तियाज अली और उसके भाइयों ने एक नाबालिग पीड़िता को शिकार बनाने के बाद धमकी दी थी कि अगर उसने किसी से कुछ कहा तो उसे बिना कपड़ों के बाजार में छोड़ देंगे। तीनों भाई सेक्शुअल प्रिडेटर हैं, जो जानबूझकर कमजोर लड़कियों को निशाना बनाते थे। उन्हे लगता था कि कोई उनके खिलाफ नहीं जा सकता, लेकिन एक विक्टिम की गवाही से सबकुछ पलट गया। बाद में कुछ और पीड़ित युवतियों ने भी अपने बयान दर्ज कराए।
Updated on:
10 Dec 2025 09:14 am
Published on:
10 Dec 2025 09:14 am
