
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प (Patrika File Photo)
संतोष त्रिवेदी की रिपोर्ट
अमरीका की दूसरी बार कमान संभालने वाले डॉनल्ड ट्रंप को कतर के शाही परिवार से मिला उपहार सुर्खियों में है। 'पैलेस इन द स्काइ' या 'आकाश महल' के नाम से मशहूर यह आलीशान बोइंग 747-8 विमान संभवतः किसी अमरीकी राष्ट्रपति को मिलने वाला सबसे महंगा उपहार है। यह सिर्फ अपनी भव्यता की वजह से चर्चा में नहीं है, बल्कि अमरीकी संविधान और विदेश नीति पर संभावित प्रभाव को लेकर विवाद भी इसकी चर्चा की बड़ी वजह है। क्या ट्रंप इस उपहार को निजी विमान के तौर पर इस्तेमाल कर पाएंगे या अमरीकी कानून इसमें बाधा बनेगा, आइए जानते हैं…
अमरीकी संविधान के अनुसार, राष्ट्रपति सहित कोई भी संघीय अधिकारी कांग्रेस की अनुमति के बिना किसी विदेशी सरकार से उपहार, पारिश्रमिक, पद या उपाधि स्वीकार नहीं कर सकता। 'इमोल्यूमेंट्स क्लॉज' नामक प्रावधान विदेशी प्रभाव और भ्रष्टाचार से सुरक्षा के लिए बनाया गया था। यह प्रावधान संघीय अधिकारियों को 480 डॉलर से अधिक के विदेशी उपहारों को व्यक्तिगत रूप से रखने से रोकता है।
अमरीकी इतिहास की बात करें तो पहले भी इस तरह के उपहार को मंजूरी दी जा चुकी है। साल 1877 में अमरीकी कांग्रेस ने फ्रांस से मिलने वाले 'स्टेच्यू ऑफ लिबर्टी' को स्वीकार किया था। ट्रंप को कतर से मिलने वाले उपहार को लेकर राज्य सरकारें और यहां तक कि कुछ निजी व्यवसाय मुकदमा चला सकते हैं। ऐसे में ट्रंप को कानूनी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। अमरीका में ट्रंप के पहले कार्यकाल से पहले इस तरह के कोई खास मुकदमे देखने को नहीं मिले थे, लेकिन साल 2017 में उन पर इस तरह का एक मुकदमा दायर किया गया था। हालांकि वह खारिज हो गया था।
भारत में प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति जैसे शीर्ष पदों पर आसीन व्यक्तियों को जो महंगे उपहार मिलते हैं। उनके लिए विशेष नियम हैं। इनको जो उपहार मिलते हैं वे दौरे से लौटने के 30 दिन के अंदर तोशाखाना में जमा किए जाते हैं। अधिकारी उपहार के मूल्य का आकलन करते हैं। उपहार की कीमत 5,000 रुपए से कम है तो उसे अपने पास रखा जा सकता है। यदि यह सीमा पार हो जाती है, तो प्राप्तकर्ता को उपहार को सरकार को सौंपना होता है? या वह सीमा और उपहार के मूल्यांकन मूल्य के बीच के अंतर का भुगतान कर सकता है। कीमती उपहार आमतौर पर सरकारी संग्रहालयों, प्रदर्शनियों या कार्यालयों की शोभा बढ़ाने के लिए काम में ली जाती हैं। कुछ उपहारों की नीलामी भी की जाती है।
Updated on:
19 May 2025 08:41 am
Published on:
19 May 2025 07:49 am
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