
In Picture - Asylum seekers from Russia
फिनलैंड (Finland) एक बड़े प्लान पर काम कर रहा है जिसकी जानकारी हाल ही में सामने आई है। दरअसल फिनलैंड भी रूस (Russia) का पडोसी देश है और दोनों देशों की बॉर्डर आपस में जुड़ती हैं। रूस के यूक्रेन (Ukraine) के खिलाफ युद्ध छेड़ने की वजह से फिनलैंड भी सतर्क हो गया। अपने देश की रक्षा की वजह से ही फिनलैंड ने पिछले साल नाटो की सदस्यता ली। फिनलैंड ने रूस से आने वाले सभी व्हीकल्स की एंट्री भी बैन कर दी है और जल्द ही अपने देश में रूस की लाइसेंस/नंबर प्लेट वाले व्हीकल्स को भी निकाला जाएगा। पर अब फिनलैंड एक नए प्लान पर काम कर रहा है।
रूस से आने वाले शरणार्थियों की एंट्री बैन करने की तैयारी
फिनलैंड ने रूस से आने वाले शरणार्थियों की अपने देश में एंट्री बैन करने की तैयारी कर ली है। फिनलैंड ने पिछले साल के अंत में रूस के साथ अपनी 1,340 किलोमीटर लंबी बॉर्डर पर सभी क्रॉसिंग को बंद कर दिया था, क्योंकि बिना वैध दस्तावेजों के फिनलैंड में एंट्री लेने वाले लोगों की संख्या बढ़ रही थी। हालांकि इसके बावजूद रूस से कुछ शरणार्थियों का आना जारी है और फिनलैंड की सरकार का मानना है कि आने वाले समय में यह संख्या और बढ़ सकती है। ऐसे में फिनलैंड रूस से आने वाले इन शरणार्थियों की एंट्री पर बैन लगाने का कानून लाने की की तैयारी में है, जो फिलहाल के लिए अस्थायी होगा।
फिनलैंड ने लगाया रूस पर आरोप
फिनलैंड ने रूस पर आरोप लगाया है कि वो अपने देश से लोगों को फिनलैंड में बॉर्डर के ज़रिए घुसा रहा है। इन लोगों में रूस के ही नहीं, दूसरे देशों के लोग भी हैं जो रूस के रास्ते फिनलैंड में अवैध तरीके से एंट्री लेते हैं। फिनलैंड के इस दावे को रूस ने नकार दिया है।
5 महीने में 1,300 से ज़्यादा शरणार्थियों ने ली फिनलैंड में अवैध तरीके से एंट्री
हाल ही में आई एक रिपोर्ट के अनुसार पिछले साल अगस्त से दिसंबर तक 1,300 से ज़्यादा शरणार्थियों ने रूस के रास्ते फिनलैंड में अवैध तरीके से एंट्री ली। इनमें यमन, सोमालिया और सीरिया के शरणार्थी शामिल थे।
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Published on:
17 Mar 2024 10:02 am
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