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पाकिस्तान के पूर्व सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा का निधन, 65 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस

पाकिस्तान के पूर्व सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा का 65 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। बाथरूम में गिरने से सिर में चोट के बाद वह एक महीने से अस्पताल में भर्ती थे, लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ और उन्होंने अंतिम सांस ली।

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भारत

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Anurag Animesh

Mar 29, 2026

Former Pakistan Army Chief Qamar Javed Bajwa

Former Pakistan Army Chief Qamar Javed Bajwa

पाकिस्तान से एक अहम खबर सामने आई है। देश के पूर्व सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा का 65 वर्ष की उम्र में निधन हो गया है। वह पिछले एक महीने से अधिक समय से अस्पताल में भर्ती थे और लगातार डॉक्टरों की निगरानी में थे। बताया जाता है कि 11 फरवरी को उनके साथ एक हादसा हुआ था। वह अपने घर के बाथरूम में फिसल गए थे, जिससे उनके सिर में गंभीर चोट लग गई। चोट इतनी गहरी थी कि उन्हें तुरंत रावलपिंडी के कंबाइंड मिलिट्री अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। डॉक्टरों ने उनकी स्थिति को देखते हुए सर्जरी की, जिसे शुरुआती तौर पर सफल बताया गया।

हालत में हो रहा था सुधार


हादसे के बाद उनके परिवार और करीबियों ने कहा था कि उनकी हालत में सुधार हो रहा है और वह खतरे से बाहर हैं। लेकिन समय बीतने के साथ उनकी तबीयत में उम्मीद के मुताबिक सुधार नहीं हुआ। उन्हें लगातार आईसीयू में रखा गया और डॉक्टरों की टीम हर पल उनकी निगरानी करती रही। धीरे-धीरे उनकी हालत और बिगड़ती चली गई। शनिवार को उनके निधन की खबर सामने आई, जिसकी पुष्टि उनके परिवार के सदस्यों ने की। इस खबर के बाद पाकिस्तान के सैन्य और राजनीतिक हलकों में शोक की लहर दौड़ गई। कई लोगों ने उन्हें एक प्रभावशाली और अनुभवी सैन्य अधिकारी के रूप में याद किया।

10वें सेना प्रमुख थे बाजवा


कमर जावेद बाजवा ने 29 नवंबर 2016 को पाकिस्तान के 10वें सेना प्रमुख के रूप में पदभार संभाला था। उनके कार्यकाल के दौरान कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। साल 2019 में उनके कार्यकाल को तीन साल के लिए बढ़ाया गया था, जो उस समय काफी चर्चा में रहा था। नवंबर 2022 में रिटायर होने के बाद बाजवा सार्वजनिक जीवन से दूर हो गए थे, लेकिन माना जाता था कि देश की सुरक्षा और राजनीति से जुड़े मामलों में उनकी भूमिका और प्रभाव बना हुआ था। उनका निधन पाकिस्तान के लिए एक बड़ी क्षति के रूप में देखा जा रहा है।

सऊदी से रक्षा सौदा कर फंसा पाकिस्तान?


पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच पाकिस्तान की कूटनीतिक और रणनीतिक चुनौतियां बढ़ती नजर आ रही हैं। सऊदी अरब के साथ किया गया रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग समझौता, जिसे कभी मजबूत साझेदारी के रूप में देखा जा रहा था, अब पाकिस्तान के लिए नई चिंता का कारण बनता दिख रहा है। विश्लेषकों के अनुसार, इस समझौते से अपेक्षित आर्थिक लाभ और रक्षा सहयोग को लेकर सवाल उठ रहे हैं।