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बड़ी खबर: युद्ध् में होगी सीधी वार्ता, फ्रांस के राष्ट्रपति का बड़ा बयान, रुकवाएंगे जंग ?

Mediation इजरायल और लेबनान के बीच भयंकर युद्ध रोकने के लिए फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने मध्यस्थता करने की पेशकश की है। उन्होंने दोनों देशों के नेताओं को पेरिस में बुला कर शांति समझौते (Ceasefire) पर मुहर लगाने की बड़ी तैयारी की है।

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भारत

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MI Zahir

Mar 14, 2026

Israel Lebanon Ceasefire

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने जंग रुकवाने की पेशकश की। (फोटो: AI)

Macron Mediation : मध्य पूर्व में इजराइल और हिज्बुल्लाह के बीच लगातार गहराते युद्ध संकट (Hezbollah Israel update) के बीच फ्रांस ने शांति बहाली के लिए एक बड़ा कूटनीतिक कदम उठाया (France Mediation in Middle East) है। टाइम्स ऑफ इजराइल के अनुसार फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों (Emmanuel Macron)ने इजराइल और लेबनान के बीच स्थायी युद्धविराम (Israel Lebanon Ceasefire) करवाने के लिए अपनी ओर से मध्यस्थता करने की पेशकश की है। उन्होंने दोनों देशों के नेतृत्व को पेरिस में आमने-सामने की सीधी वार्ता के लिए आमंत्रित किया है। फ्रांस, लेबनान और इजराइल की प्रमुख समाचार एजेंसियों और अंतरराष्ट्रीय टीवी चैनल्स की पुष्ट खबरों के अनुसार, इस कूटनीतिक पहल का मुख्य उद्देश्य लेबनान को पूरी तरह से 'अराजकता' में डूबने से बचाना और क्षेत्रीय युद्ध को टालना है

नवाफ सलाम और संसद अध्यक्ष नबीह बेरी से विस्तृत बातचीत (Israel Lebanon Ceasefire)

जानकारी के अनुसार मैक्रों ने लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन, प्रधानमंत्री नवाफ सलाम और संसद अध्यक्ष नबीह बेरी से विस्तृत बातचीत की है। इस संवाद के बाद यह बात साफ हुई है कि लेबनानी नेतृत्व इजराइल के साथ सीधी वार्ता की मेज पर बैठने के लिए तैयार है। मैक्रों ने कहा, "लेबनान की सरकार ने इजराइल के साथ सीधे बातचीत करने की इच्छा जताई है। इस संकट की घड़ी में लेबनान को अराजकता से बचाने के लिए हर संभव कूटनीतिक प्रयास किए जाने चाहिए।" गौरतलब है कि फ्रांस और लेबनान के बीच पुराने और गहरे ऐतिहासिक संबंध रहे हैं, जिसे देखते हुए फ्रांस खुद को इस विवाद को सुलझाने के लिए एक स्वाभाविक मध्यस्थ के रूप में स्थापित कर रहा है।

फ्रांस की यह मांग युद्ध टालने के लिहाज से बेहद अहम (Paris Peace Talks)

दूसरी ओर, इजराइली मीडिया संस्थानों (जैसे यनेट न्यूज़ और जेरूसलम पोस्ट) की रिपोर्ट्स के अनुसार, मैक्रों ने इजराइल सरकार से विशेष अपील की है कि वह शांति वार्ता के इस अवसर का तुरंत फायदा उठाए। फ्रांस ने इजराइल से स्पष्ट आग्रह किया है कि वह लेबनान में अपने बड़े पैमाने के जमीनी सैन्य अभियानों (Ground Offensive) और सघन हवाई हमले तत्काल रोक दे। इजराइली सेना के उत्तरी मोर्चे पर बढ़ते तनाव के बीच फ्रांस की यह मांग युद्ध टालने के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है।

अब तक 8 लाख से अधिक लोग अपने घर छोड़ चुके ( Hezbollah Israel War)

लेबनानी नेशनल न्यूज एजेंसी (NNA) और स्थानीय चैनल्स की ग्राउंड रिपोर्ट्स के अनुसार, दक्षिण लेबनान में हालात बेहद गंभीर और अमानवीय हो चुके हैं। हालिया इजराइली हमलों में कई मेडिकल स्टाफ और आम नागरिकों की जान जा चुकी है। अब तक लगभग 8 लाख से अधिक लोग अपना घर छोड़कर विस्थापित हो चुके हैं। मानवीय त्रासदी को देखते हुए मैक्रों ने हिज्बुल्लाह (Hezbollah) को भी सख्त संदेश दिया है कि वह अपने उकसावे वाले हमलों और खतरनाक रणनीतियों पर तुरंत लगाम लगाए।

मैक्रों ने मोहम्मद शिया अल-सुदानी से फोन पर बात की

इस शांति वार्ता की पहल के साथ-साथ फ्रांस ने क्षेत्र में अपने सैनिकों की सुरक्षा का कूटनीतिक मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया है। हाल ही में इराक के कुर्दिस्तान क्षेत्र में एक ईरानी ड्रोन हमले में एक फ्रांसीसी सैनिक की मौत हो गई थी। इस संदर्भ में मैक्रों ने इराकी प्रधानमंत्री मोहम्मद शिया अल-सुदानी से फोन पर बात की और हमले की गहन जांच सुनिश्चित करने तथा वहां तैनात फ्रांसीसी बलों की सुरक्षा कड़ी करने के वादे के लिए उनका आभार जताया। विशेषज्ञों और अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिकारों का मानना है कि पेरिस में होने वाली यह संभावित सीजफायर वार्ता अगर सफल होती है, तो यह लेबनान की संप्रभुता को फिर से मजबूत करेगी और इजराइल के उत्तरी मोर्चे पर स्थायी शांति बहाल कर सकेगी।