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डोनाल्ड ट्रंप के ‘जर्मन’ वाले ताने का शाही बदला! किंग चार्ल्स का वो बयान जिसने इंटरनेट पर मचा दिया तहलका

Viral : किंग चार्ल्स ने डोनाल्ड ट्रंप को मज़ाकिया अंदाज में याद दिलाया कि ब्रिटेन न होता तो अमेरिकी आज 'फ्रेंच' बोल रहे होते। इस वायरल बयान पर फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों का "दैट वुड बी चिक" वाला जवाब इंटरनेट पर धूम मचा रहा है।

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भारत

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MI Zahir

Apr 30, 2026

Donald Trump

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Photo - IANS)

Oval Office: वाशिंगटन डीसी स्थित ओवल ऑफिस में आयोजित एक स्टेट डिनर के दौरान कूटनीति और मजाक का एक बेहद दिलचस्प नजारा दिखाई दिया। ब्रिटेन के सम्राट किंग चार्ल्स तृतीय ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर एक ऐसा तंज कसा, जो अब पूरी दुनिया में वायरल हो रहा है। किंग चार्ल्स ने ट्रंप को याद दिलाते हुए कहा कि अगर ब्रिटेन नहीं होता, तो आज अमेरिका के लोग 'फ्रेंच' बोल रहे होते। यह बात सुन कर वहां मौजूद सभी लोग ठहाके लगाने लगे। दुनिया के दो सबसे शक्तिशाली देशों के नेताओं के बीच इस तरह का हल्का-फुल्का संवाद सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा का विषय बन गया है। आम जनता से लेकर बड़े-बड़े नेता इस पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।

ट्रंप की एक पुरानी टिप्पणी का सीधा और करारा जवाब

दरअसल, किंग चार्ल्स का यह बयान राष्ट्रपति ट्रंप की एक पुरानी टिप्पणी का सीधा और करारा जवाब था। इसी साल जनवरी 2026 में स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित 'वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम' के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने यूरोपीय देशों पर निशाना साधा था। ट्रंप ने अपने परिचित अंदाज में दावा किया था कि अगर द्वितीय विश्व युद्ध में अमेरिका ने दखल न दिया होता और यूरोप को न बचाया होता, तो आज वहां के लोग जर्मन और जापानी भाषा बोल रहे होते। उन्होंने द्वितीय विश्व युद्ध में अपनी जीत को बहुत बड़ा बताते हुए यूरोप को अमेरिका के अहसानों की याद दिलाई थी। इसी बात का कूटनीतिक हिसाब बराबर करने के लिए किंग चार्ल्स ने इस खास मौके का फायदा उठाया।

इमैनुएल मैक्रों की एंट्री से आया टि्वस्ट

इस मजेदार बयानबाजी में तीसरा और सबसे रोचक मोड़ तब आया जब फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने इसमें अपनी एंट्री मारी। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर किंग चार्ल्स के भाषण का यह छोटा सा वीडियो क्लिप तेजी से फैलने लगा। जब मैक्रों ने इसे देखा, तो उन्होंने भी मजे लेने में कोई कसर नहीं छोड़ी। फ्रांस के राष्ट्रपति ने वीडियो को री पोस्ट करते हुए सिर्फ चार शब्दों में अपना सटीक जवाब दिया- "दैट वुड बी चिक!", जिसका मतलब है- "यह तो बहुत ही शानदार (फैशनेबल) होता!" मैक्रों के इस चतुराई भरे जवाब ने इंटरनेट पर यूजर्स का दिल जीत लिया है और लोग उनकी हाजिर जवाबी की दाद दे रहे हैं।

वैश्विक कूटनीति को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता

भले ही यह पूरी बातचीत हंसी-मजाक के माहौल में हुई हो, लेकिन इसके पीछे की वैश्विक कूटनीति को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। यह बयानबाजी ऐसे समय में हो रही है जब अमेरिका और यूरोप के बीच कुछ अहम रणनीतिक मुद्दों पर तनाव चल रहा है। खासकर ईरान के खिलाफ चल रहे युद्ध और मध्य पूर्व के हालातों को लेकर ट्रंप अक्सर यूरोपीय देशों (मुख्यतः नाटो सदस्यों) की तीखी आलोचना करते रहे हैं। अमेरिका का मानना है कि इस लड़ाई में यूरोप उनका साथ नहीं दे रहा है। इसके कारण कई बार ट्रंप ने नाटो से बाहर निकलने तक की धमकी दे डाली है।

दुनिया के दिग्गज नेता हास्य का सहारा लेना नहीं भूलते

इस पूरे घटनाक्रम ने यह साबित कर दिया है कि भारी राजनीतिक और कूटनीतिक तनाव के बीच भी दुनिया के दिग्गज नेता हास्य का सहारा लेना नहीं भूलते। एक तरफ युद्ध और रणनीतिक खींचतान चल रही है, तो दूसरी तरफ नेताओं के बीच शब्दों के बाण आम लोगों का मनोरंजन कर रहे हैं। फिलहाल, पूरी दुनिया इस बात का इंतजार कर रही है कि क्या डोनाल्ड ट्रंप अपने जाने-पहचाने बेबाक अंदाज में किंग चार्ल्स या इमैनुएल मैक्रों को कोई नया जवाब देंगे।

साल का सबसे बेहतरीन राजनीतिक मजाक

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने इस चुटकी पर बेहद सकारात्मक और मजाकिया रिएक्शन दिया। उन्होंने 'एक्स' पर लिखा "That would be chic!"। वहीं सोशल मीडिया पर आम जनता इस कूटनीतिक 'बंटर' का जम कर लुत्फ उठा रही है और इसे साल का सबसे बेहतरीन राजनीतिक मजाक बता रही है। अब सबकी निगाहें डोनाल्ड ट्रंप के सोशल मीडिया अकाउंट्स और उनके आगामी भाषणों पर टिकी हैं कि क्या वे किंग चार्ल्स और इमैनुएल मैक्रों के इस मजाक का कोई तीखा पलटवार करते हैं या फिर इसे उसी तरह हंसी में टाल देते हैं।

एक गंभीर भू-राजनीतिक पहलू

बहरहाल, इस हंसी-मजाक के पीछे एक गंभीर भू-राजनीतिक पहलू भी है। अमेरिका और नाटो (यूरोपीय देशों) के बीच ईरान विवाद और मध्य-पूर्व की स्थिति को लेकर अंदरखाने गहरा तनाव है। ट्रंप कई बार यूरोप को युद्ध में साथ न देने के लिए खरी-खोटी सुना चुके हैं। यह मजाक उसी कूटनीतिक खींचतान और असंतोष का एक हल्का-फुल्का रूप है।