
G7 Summit 2026: जी-7 शिखर सम्मेलन में पीएम नरेंद्र मोदी(फोटो-X/@narendramodi)
G7- PM Modi Trump Meeting: फ्रांस के एवियन में आयोजित जी7 शिखर सम्मेलन में भारत एक बार फिर वैश्विक चर्चाओं के केंद्र में नजर आया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जहां दुनिया के सामने आर्थिक विकास और कनेक्टिविटी को लेकर नया प्रस्ताव रखा। वहीं उनकी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ होने वाली द्विपक्षीय बैठक पर भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खास नजर बनी हुई है।
जी7 नेताओं, साझेदार देशों और प्रमुख टेक्नोलॉजी कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों के साथ होने वाले वर्किंग लंच से पहले प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप की मुलाकात प्रस्तावित है। माना जा रहा है कि दोनों नेता आर्थिक विकास, सप्लाई चेन, एआई (AI), निवेश सहयोग और वैश्विक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करेंगे।
जी7 के आउटरीच सत्र में प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक व्यापार और कनेक्टिविटी को नई दिशा देने के लिए 'इंटरनेशनल मोबिलाइजेशन पार्टनरशिप फॉर एक्सेलेरेटिंग कनेक्टिविटी एंड ट्रेड (IMPACT)' बनाने का प्रस्ताव रखा। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह पहल भारत-पश्चिम एशिया-यूरोप आर्थिक गलियारे की तर्ज पर विकसित की जा सकती है। उनका सुझाव था कि जी7 देशों की पूंजी, भारत की प्रतिभा और ग्लोबल साउथ देशों की भागीदारी को एक मंच पर लाकर अफ्रीका, लैटिन अमेरिका और प्रशांत द्वीप देशों में कनेक्टिविटी परियोजनाओं को आगे बढ़ाया जाए।
'सभी के लिए संतुलित, साझा और टिकाऊ आर्थिक विकास' विषय पर बोलते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि विकास का मूल्यांकन केवल जीडीपी और व्यापार के आंकड़ों से नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा, विकास किसके लिए, किसके साथ और किस दिशा में हो रहा है, प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि कई विकसित देशों में आबादी तेजी से वृद्ध हो रही है, जबकि भारत और ग्लोबल साउथ के देशों के पास बड़ी संख्या में युवा और कुशल प्रतिभाएं मौजूद हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने जी7 के कार्य सत्र में भाग लेने से पहले कई प्रमुख नेताओं से मुलाकात की। इनमें इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीएर स्टार्मर, ब्राजील के राष्ट्रपति लूला डा सिल्वा, जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की कार्यकारी निदेशक क्रिस्टालिना जियोरगीवा शामिल रहीं।
जी7 सम्मेलन के दौरान ब्रिटिश सरकार ने घोषणा की कि उसे भारतीय और फ्रांसीसी कंपनियों से 1.3 बिलियन पाउंड (1.74 बिलियन डॉलर) का निवेश मिला हैजानकारी के अनुसार, एक फ्रांसीसी प्राइवेट इक्विटी फर्म ब्रिटेन में बैटरी स्टोरेज और फ्लेक्सिबल एनर्जी परियोजनाओं के लिए 1 बिलियन पाउंड का निवेश करेगी। भारत की एट्री एनर्जी ट्रांजिशन 300 मिलियन पाउंड से अधिक का निवेश करेगी, जबकि हेक्सावेयर टेक्नोलॉजीज यूके में अपने कारोबार के विस्तार के लिए 25 मिलियन पाउंड लगाएगी। इन परियोजनाओं से 1,400 से अधिक नई नौकरियां पैदा होने की उम्मीद है।
Updated on:
17 Jun 2026 06:10 pm
Published on:
17 Jun 2026 05:20 pm
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