
जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज। (फोटो- ANI)
पिछले हफ्ते जर्मनी की अदालत ने दो लोगों को जेल की सजा सुनाई है। ये लोग जर्मनी में यहूदी समुदाय के प्रमुख नेताओं की हत्या की योजना बना रहे थे। इस मामले में जर्मनी सरकार की तरफ से कड़ा कदम उठाया गया है। जर्मनी सरकार ने खुलकर कहा है कि यह साजिश ईरान की तरफ से रची गई थी। जिसको लेकर ईरान के राजदूत को सरकार ने तलब कर लिया है।
हैम्बर्ग की अदालत ने साजिश रचने के मामले में एक डैनिश नागरिक और एक अफगान नागरिक को दोषी करार दिया। ये दोनों जर्मनी के मुख्य यहूदी संगठन के अध्यक्ष और जर्मन-इजराइली सोसायटी के प्रमुख को निशाना बनाने की योजना बना रहे थे।
अदालत ने इन्हें जेल भेज दिया। जर्मनी की विदेश मंत्रालय ने इसे 'दुर्भावनापूर्ण हत्या के प्रयास' बताया है। बता दें कि जर्मनी में यहूदी समुदाय पहले से ही सुरक्षा के मद्देनजर सतर्क रहता है। इस साजिश ने अब डर को और बढ़ा दिया है।
आज जर्मनी के विदेश मंत्रालय ने ईरान के राजदूत को तलब किया। मंत्रालय ने बताया कि तेहरान हमारे मुक्त समाज को धमकी नहीं दे सकता। उन्होंने कहा कि यहूदी जीवन और उसकी रक्षा करने वालों पर हमले बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे।
जर्मनी सरकार ने सख्ती से यह भी कहा कि इन हत्या के प्रयासों के नतीजे काफी गंभीर होंगे। साथ ही सरकार की ओर से ईरान से इस मामले में जवाब भी मांगा गया। बता दें कि जर्मनी और ईरान के बीच रिश्ते पहले से तनावपूर्ण हैं। इस घटना से तनाव और बढ़ने की आशंका है।
यूरोप के कई देशों में ईरान से जुड़े ऐसे मामले पहले भी सामने आए हैं। अब ताजा मामले के बाद जर्मनी ने खुलेआम ईरान को चेतावनी दे दी है। इस चेतावनी का यहूदी संगठनों ने स्वागत किया है।
साथ ही उन्होंने सरकार से यह भी मांग की है कि उनकी सुरक्षा बढ़ाई जानी चाहिए। बता दें कि जर्मनी में यहूदी समुदाय की आबादी बड़ी है। वे सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय हैं। इजराइल के साथ जर्मनी के गहरे रिश्ते हैं।
Updated on:
19 Oct 2026 06:21 pm
Published on:
19 Oct 2026 06:20 pm
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