
प्रीत पनेसर कनाडा की सबसे बड़ी गोल्ड चोरी में अहम कड़ी हैं। (PC: X)
कनाडा में सामने आए बड़े गोल्ड चोरी मामले ने भारत और कनाडा के बीच कानूनी और जांच प्रक्रिया को तेज कर दिया है। जांच के दौरान भारतीय मूल के आरोपी का नाम सामने आने के बाद से दोनों देशों की एजेंसियां लगातार संपर्क में हैं। कनाडा ने औपचारिक रूप से भारत सरकार से करीब 166 करोड़ रुपये की गोल्ड चोरी के आरोपी प्रीत पनेसर के प्रत्यर्पण का अनुरोध किया है, ताकि उस पर कनाडा की अदालत में मुकदमा चलाया जा सके।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार यह मामला साल 2023 में हुआ था, जिसे कनाडा में हुई सबसे बड़ी घटनाओं में गिना जा रहा है। कनाडा की पील पुलिस ने 12 जनवरी को विज्ञप्ति जारी करते हुए बताया कि ये कनाडा के इतिहास की सबसे बड़ी गोल्ड चोरी है, जिसका नाम 'प्रोजेक्ट 25K' था। कुल 400 किलो सोना चोरी हुआ था, जिसकी कीमत 20 मिलियन डॉलर यानी लगभग 166 करोड़ रुपये बताई गई है। इस चोरी में कुल 9 आरोपी शामिल थे, जिनमें से 2 फरार हैं। एक फरार आरोपी प्रीत पनेसर है, जिसके भारत में छिपे होने का अंदेशा लगाया गया है।
कनाडा की जांच एजेंसियों का कहना है कि प्रीत पनेसर की भूमिका इस पूरे मामले में काफी अहम रही। आरोप है कि वह एयर कनाडा का कर्मचारी था, उसने अपनी पहुंच और जिम्मेदारी का इस्तेमाल करते हुए एयर कार्गो से जुड़ी प्रक्रियाओं में बदलाव किया, जिससे सोने से भरे कंटेनर को बाहर निकालना संभव हुआ। जांच रिपोर्ट में पनेसर को इस योजना का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया गया है और उसकी पूछताछ को केस के लिए जरूरी माना गया है।
भारत में इस मामले की जांच की गई। प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी (ED) द्वारा प्रीत पनेसर का ठिकाना एक किराय का घर मोहाली, चंडीगढ़ में पाया गया। जांच के दौरान दस्तावेज व इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए। एजेंसियों के मुताबिक कथित तौर पर प्रीत पनेसर ने हवाला के जरिए 8.5 करोड़ रुपये प्राप्त किए। इस पैसे को अलग-अलग खातों में जमा किया और बाद में अपनी पत्नी प्रीती के साथ के बिजनेस स्टार मेकर एंटरटेनमेंट (M/S Star Makers Entertainment) में निवेश के रूप में इस्तेमाल किया।
कनाडा की ओर से भेजे गए प्रत्यर्पण अनुरोध के बाद अब भारत में कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। इस प्रक्रिया में अदालतों द्वारा दस्तावेजों की जांच और नियमों के अनुसार फैसला लिया जाएगा। अगर प्रत्यर्पण को मंजूरी मिलती है, तो आरोपी को कनाडा भेजा जा सकता है। यह मामला दोनों देशों के बीच कानूनी सहयोग और अंतरराष्ट्रीय अपराधों से निपटने की प्रक्रिया के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
Published on:
15 Jan 2026 11:19 am

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