
फोटो में हूती विद्रोही (सोर्स-आईएएनएस)
येमन के शबवा प्रांत में सोमवार को ईरान समर्थित हूतियों ने बड़ा हमला कर दिया। इसमें 18 जवानों की जान चली गई है। यह हमला यमन में सेना के एक ट्रेनिंग कैंप पर हुआ।
सरकारी और मेडिकल सूत्रों ने यह जानकारी दी। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, शबवा प्रांत के इस सैन्य ट्रेनिंग कैंप में जवान अभ्यास कर रहे थे। तभी हमला हो गया।
चार अलग-अलग सरकारी और मेडिकल सूत्रों ने रॉयटर्स को बताया कि मृतकों की संख्या फिलहाल 18 है। कुछ रिपोर्टों में संख्या और ज्यादा बताई जा रही है। घायलों की संख्या भी काफी है, लेकिन सटीक आंकड़े अभी सामने नहीं आए हैं।
हूती गुट को ईरान का समर्थन हासिल है। यह गुट यमन के कई इलाकों पर कब्जा जमाए बैठा है। सरकारी सेना के ठिकानों पर ऐसे हमले पहले भी हो चुके हैं। इस बार ट्रेनिंग कैंप को निशाना बनाया गया, जहां जवान तैयारियां कर रहे थे।
शबवा प्रांत यमन के दक्षिण-पूर्व में है और यह तेल भंडार के लिए भी जाना जाता है। मेडिकल सूत्रों के मुताबिक, घायल जवानों को अस्पताल पहुंचाया गया है। कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।
हमले में मिसाइल या ड्रोन इस्तेमाल होने की संभावना जताई जा रही है, लेकिन आधिकारिक रूप से पूरी डिटेल अभी साफ नहीं है। हूती गुट ने अभी तक इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है या कोई बयान नहीं दिया। लेकिन यमन में अक्सर ऐसे हमले हूतियों की ओर से ही किए जाते हैं।
यमन में सालों से विद्रोही गुट के साथ लड़ाई चल रही है। 2014 में हूतियों ने राजधानी सना सहित कई इलाके को अपने कब्जे में ले लिया था। इसके बाद सऊदी अरब की अगुवाई वाली सेना ने सरकार का साथ दिया। कई साल तक भारी लड़ाई चली।
2022 में संघर्ष विराम हुआ था, लेकिन समय-समय पर हमले जारी रहते हैं। फिलहाल, सरकारी पक्ष से अभी कोई बड़ा बयान नहीं आया है। लेकिन अक्सर ऐसे हमलों के बाद जवाबी कार्रवाई की तैयार होती है।
Updated on:
19 Oct 2026 03:35 pm
Published on:
19 Oct 2026 03:35 pm
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