
सीएम ममता बनर्जी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह। (फोटो- ANI)
इंडिया पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (I-PAC) के कोलकाता ऑफिस और कंपनी के सह-संस्थापक प्रतीक जैन के आवास पर गुरुवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने छापामारी थी। जिसको लेकर बवाल मच गया है। कोलकाता से दिल्ली तक भारी विरोध प्रदर्शन देखने को मिला है।
भारी बवाल को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने प्रवर्तन निदेशालय से 8 जनवरी की घटनाओं के क्रम के बारे में एक विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
उधर, इस घटनाक्रम से परिचित सूत्रों ने बताया कि केंद्रीय वित्त मंत्रालय की जांच शाखा ईडी ने पहले ही इस मामले में अपने मूल मंत्रालय को एक रिपोर्ट सौंप दी है और अब एजेंसी केंद्रीय गृह मंत्रालय को भी अलग से एक रिपोर्ट सौंपेगी।
इसके अलावा, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) प्राधिकरण के कर्मियों ने दोनों जगहों पर छापामारी और तलाशी अभियान के दौरान ईडी अधिकारियों को सुरक्षा दी थी। उन्होंने भी इस मामले में केंद्रीय गृह मंत्रालय को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। CRPF का मूल मंत्रालय केंद्रीय गृह मंत्रालय है।
बता दें कि जब गुरुवार को कोलकाता के साल्ट लेक में स्थित I-PAC ऑफिस के साथ-साथ लाउडन स्ट्रीट पर इसके सह-संस्थापक प्रतीक जैन के आवास पर एक साथ छापेमारी और तलाशी अभियान चल रहा था, तब पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इन जगहों पर पहुंच गईं थीं।
वह शुरू में जैन के आवास पर गईं। इसके बाद पुलिस अधिकारियों के साथ I-PAC ऑफिस पहुंची। वह कुछ कागजी फाइलों और इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेजों के साथ वहां से गईं थीं।
अब इस घटनाक्रम से परिचित सूत्रों ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने ईडी को निर्देश दिया है कि वह गुरुवार को छापेमारी और तलाशी अभियान के दौरान मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली राज्य प्रशासनिक मशीनरी द्वारा सामना की गई बाधाओं के बारे में अपने अनुभवों का विवरण प्रस्तुत करे।
ईडी से उन वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका का विवरण देने के लिए भी कहा गया है जो मुख्यमंत्री के साथ थे जब वह छापेमारी और तलाशी अभियान के दौरान दोनों जगहों पर पहुंची थीं।
एक सूत्र ने कहा- यह रिपोर्ट ईडी के कोलकाता स्थित क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा तैयार की जाएगी और पहले एजेंसी के नई दिल्ली स्थित मुख्यालय को भेजी जाएगी, और वहां से इसे बाद में केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजा जाएगा।
उधर, कलकत्ता उच्च न्यायालय की न्यायमूर्ति सुव्रा घोष की एकल-न्यायाधीश पीठ ED के गुरुवार के अभियानों से संबंधित तीन याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई करेगी।
मुख्य याचिका ED की तरफ से है, जिसमें पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर आरोप लगाया गया है कि उन्होंने इन दोनों जगहों पर रेड और सर्च ऑपरेशन के दौरान सेंट्रल एजेंसी के अधिकारियों के आधिकारिक कामों में रुकावट डालकर अपने संवैधानिक पद का गलत इस्तेमाल किया।
Updated on:
09 Jan 2026 02:23 pm
Published on:
09 Jan 2026 02:14 pm
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