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आइसलैंड में भेदभाव के चलते महिलाओं की हड़ताल, पीएम कैटरीन जैकब्सडॉटिर ने भी किया समर्थन

Women Strike In Iceland: आइसलैंड में इस समय स्थिति सही नहीं चल रही है। देशभर में महिलाएं हड़ताल पर हैं। पर क्या है महिलाओं की इस हड़ताल की वजह? आइए जानते हैं।

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Women on strike in Iceland

आइसलैंड (Iceland) को दुनिया के सबसे शांत देशों में से एक माना जाता है। पर इस समय देश में स्थिति सही नहीं है। ऐसे में मन में सवाल आना लाज़िमी है कि आइसलैंड में किस वजह से स्थिति सही नहीं है। इसकी वजह है महिलाओं की हड़ताल। जी हाँ, आपने सही पढ़ा। आइसलैंड में हज़ारों महिलाएं इस समय हड़ताल पर हैं और इसके चलते सड़कों पर उतर आई हैं और विरोध प्रदर्शन कर रही हैं।


क्या है महिलाओं की हड़ताल की वजह?

दरअसल आइसलैंड में महिलाओं की हड़ताल की वजह है महिलाओं के साथ होने वाला भेदभाव। आइसलैंड में महिलाओं को पुरुषों की तुलना में कम वेतन मिलता है। आइसलैंड में अक्सर महिलाओं को नौकरी के अवसरों में भी भेदभाव देखने को मिलता है। साथ ही आइसलैंड में लिंग-आधारित हिंसा का भी महिलाओं को सामना करना पड़ता है। इन सब मुद्दों के विरोध में ही महिलाएं हड़ताल पर हैं।

पीएम कैटरीन जैकब्सडॉटिर ने भी किया समर्थन

आइसलैंड की पीएम एक महिला ही है जिनका नाम कैटरीन जैकब्सडॉटिर (Katrín Jakobsdóttir) है। खुद कैटरीन भी कुछ हफ्ते पहले इस बात को स्वीकार कर चुकी है कि आइसलैंड में महिलाओं के साथ भेदभाव होता है। ऐसे में कैटरीन ने भी महिलाओं की इस हड़ताल का समर्थन करते हुए घर पर रहने का फैसला लिया है और साथ ही मंत्रिमंडल और सरकार की दूसरी महिलाओं को भी घर रहने के लिए कहा है।


महिलाओं की हड़ताल का क्या पड़ रहा है असर?

आइसलैंड में महिलाओं की हड़ताल का असर देखने को मिल रहा है। इस हड़ताल की वजह से देश में कई जगहों पर स्कूल, कॉलेज और दुकानों को बंद करना पड़ा है। साथ ही कई दूसरे क्षेत्र जहाँ महिलाएं कार्यरत हैं, उन पर भी उनकी हड़ताल की वजह से चल रही अनुपस्थिति से असर पड़ रहा है।

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