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फिर राष्ट्रपति बना तो दुनिया को इजरायल-हमास युद्ध से निकाल लाऊंगा, आयोवा कॉकस में जीत के साथ बोले ट्रंप

अमरीका में राष्ट्रपति पद के लिए राजनीतिक प्रक्रिया का प्रथम चरण सोमवार को संपन्न हो गया। इसमें रिपब्लिकन पार्टी की ओर से राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के लिए आयोवा कॉकस के मतदान में डॉनल्ड ट्रंप ने एकतरफा जीत दर्ज की है।

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If I become president again, I will bring the world out of the Wars

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अमरीका में राष्ट्रपति पद के लिए राजनीतिक प्रक्रिया का प्रथम चरण सोमवार को संपन्न हो गया। इसमें रिपब्लिकन पार्टी की ओर से राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के लिए आयोवा कॉकस के मतदान में डॉनल्ड ट्रंप ने एकतरफा जीत दर्ज की है। ट्रंप के मुख्य प्रतिस्पर्धी निक्की हेली, रॉन डीसेंटिस और उनकी विचारधारा से मिलते-जुलते विवेक रामास्वामी कहीं भी उन्हें चुनौती देते भीनहीं दिखाई दिए। ट्रंप के वोट विभाजित भी नहीं दिखाई दिए। आयोवा में ट्रंप को मिली जीत ऐतिहासिक रूप से बहुत विशाल है। उन्होंने आयोवा की सभी 99 काउंटी में से 98 में सबसे अधिक वोट हासिल किए जबकि सिर्फ एक काउंटी जॉनसन में वे एक वोट से निक्की हैली से हारे हैं। आयोवा में कोई भी अब तक 12 पाइंट से ज्यादा बढ़त नहीं बना पाया था जबकि ट्रंप ने इस बार 30 फीसदी के अंतर से निकटतम उम्मीदवार पर बढ़त बनाई और 51 फीसदी के पूर्ण बहुमत से जीत दर्ज की। गौरतलब है कि 2016 में ट्रंप को आयोवा कॉकस में सिर्फ 37 राज्यों में ही जीत मिली थी।

इतिहास गढ़ते दिख रहे हैं ट्रंप
ट्रंप की जीत में समाज के सभी वर्गों का योगदान लगभग बराबर ही रहा है। उन्हें युवाओं, बुजुर्गों, पुरुषों, महिलाओं, कम आय वर्ग, शिक्षत…सभी का समर्थन मिला है और इसमें पूर्व की तुलना में कमोबेश समान रूप से बढ़ोतरी हुई है। आयोवा कॉकस में ट्रंप धुर दक्षिणपंथी मतदाताओं का वोट लेने में भी सफल रहे, 2016 में उनसे दूर रहे थे। अमरीका में आमतौर पर राष्ट्रपति चुनाव में हारने वाले उम्मीदवारों को लोग भूल जाते हैं। हारे हुए उम्मीदवार कभी दोबारा कमबैक नहीं कर पाते हैं। लेकिन ट्रंप नया इतिहास गढ़ते दिख रहे हैं। आयोवा की जीत ने दिखा दिया है कि रिपब्लिकन पार्टी में अब भी ट्रंप की खासी धाक है।


आयोवा कॉकस का परिणाम

उम्मीदवार फीसदी वोट डेलीगेट्स

डॉनल्ड ट्रंप 51 20
रॉन डीसेंटिस 21.2 8
निक्की हैली 19.1 7
विवेक रामास्वामी 7.7 3
कुल वोट पड़े 110298 40
नोट - दो डेलीगेट का फैसला होना शेष


रामास्वामी ने ट्रंप के समर्थन में नाम लिया वापस
आयोवा कॉकस के बाद भारतवंशी उम्मीदवार विवेक रामास्वामी ने घोषणा कर दी है कि वो चुनाव से पीछे हट रहे हैं और न्यू हैम्पशायर में मंगलवार को ट्रंप का समर्थन करेंगे। विवेक ने कहा, वे ट्रंप की अमरीका फर्स्ट नीति का समर्थन करते हैं।

मेक अमरीका ग्रेट अगेन पर भरोसा
तमाम कानूनी चुनौतियों के बीच, आयोवा कॉकस से ये साफ हो गया है कि अमरीका में लोगों को अब भी ट्रंप पर भरोसा बना हुआ है और रिपब्लिकन पार्टी के अधिकतर लोगों का विश्वास अभी भी ट्रंप के ‘मेक अमेरिका ग्रेट अगेन’ वाले जुमले पर बना हुआ है।


अब न्यू हैंपशयर में हैली से सीधा मुकाबला
ट्रंप को रिपब्लिकन पार्टी की ओर से राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनने के लिए सभी राज्यों की प्राइमरी या कॉकस के बाद जरूरी 1215 डेलिगेट हासिल करने के लिए कड़ा संघर्ष करना होगा। अगले हफ्ते उन्हें न्यू हैंपशयर प्रांत में निकी हेली जैसी मजबूत प्रतिद्वंद्वी से मुकाबला करना है। न्यू हैंपशयर से आ रहे ताज़ा सर्वेक्षणों में ट्रंप की लीड 10 प्रतिशत से भी कम रह गई है।

डेमोक्रेट की आयोवा कॉकस भी हो गई शुरू

डेमोक्रेट पार्टी ने इस बार अपनी आयोवा कॉकस पूरी तरह से ऑनलाइन रखी है। सभी मतदाता ऑनलाइन फार्म भरकर या फिर अपने मतपत्र को डाउन लोड कर मेल कर सकेंगे। मेल भेजने की प्रक्रिया 12 जनवरी से शुरू हो चुकी है। इसके परिणाम 5 मार्च के सुपर मंगलवार को घोषित किए जाएंगे, जिससे पता लगेगा कि किस उम्मीदवार को कितने डेलीगेट मिले हैं।

अब 5 मार्च के सुपर मंगलवार पर नजर
आयोवा कॉकस के साथ ही अमरीका में चुनावी सरगर्मी तेज हो चुकी है। इसके बाद अब जुलाई और अगस्त में होने वाली दोनों पार्टियों की राष्ट्रीय कन्वेंशन में राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी पर अंतिम फैसला होगा। लेकिन इसके पहले हर महीने अलग-अलग राज्यों की प्राइमरी या फिर कॉकस आयोजित किए जाएंगे, जिनसे राष्ट्रपति के दावेदार व्यक्ति को अधिकतम वोट हासिल कर अधिकतम डेलीगेट जीतने होंगे। 5 मार्च को अमरीका के करीब 16 राज्यों में दोनों पार्टियों की प्राइमरी एक साथ होंगी। माना जा रहा है कि 5 मार्च को कमोबेश ये तय हो जाएगा कि अमरीका में किस पार्टी की ओर से राष्ट्रपति पद के लिए दावेदार कौन होगा। जिस उम्मीदवार के पास सबसे ज्यादा डेलीगेट होंगे, वही राष्ट्रपति पद के लिए पार्टी का दावेदार होगा।