
Gaza
दुनिया का हर देश हर दिन ये दुआ मांग रहा है कि अब बस..गाज़ा में छिड़ी ये जंग खत्म हो जाएं, भूखे लोगों को मरने से बचा लिया जाए, इंसानियन को खत्म होने से रोक लिया जाए। दुनिया की ये आस कुछ बंधी भी थी जब अमेरिका ने ये दावा किया था कि रमजान (Ramadan) का महीना शरू होते ही संघर्षविराम (Ceasefire In Gaza) हो जाएगा। दावा किया गया था कि इजरायल (Israel) और हमास (Hamas) इस युद्धविराम के समझौते को मानने के लिए लगभग तैयार हो गए हैं। लेकिन अब ये सारे दावे फेल होते दिखाई दे रहे हैं। क्योंकि इजरायल और हमास दोनों ने ही इस समझौते के बिंदुओं को मानने से इनकार कर दिया है। तो इधर काहिरा (Cairo) में हो रही इस शांति प्रस्ताव की बैठक से भी इजरायल ने अपने पैर पीछे खींच लिए।
बंधकों के नाम बताने से किया इनकार
दरअसल इस शांति समझौते में सबसे प्रमुख जो बिंदु है, वो ये कि हमास (Hamas) और इजरायल (Hamas) दोनों ही युद्ध में बनाए गए बंधकों की लिस्ट एक-दूसरे को सौंपनी होगी। इजरायल ने हमास से दो चीज मांगी थी। एक तो ये कि हमास बंधकों की लिस्ट उन्हें सौंपेगा और बताएगा कि कितने बंधक जिंदा हैं और कितने मर गए या मार दिए गए, और दूसरा ये कि इजरायल ने जितने फिलिस्तीनियों को जेल से आज़ाद किया है उसका सटीक अनुपात भी बताना। लेकिन हमास ने इजरायल की इन दोनों मांगों को मानने से इनकार कर दिया। इजरायल को बंधकों की लिस्ट देने से भी मना कर दिया।
काहिरा बैठक में नहीं शामिल होगा इजरायल
बस फिर क्या था, इजरायल (Israel) ने भी इसके बदले में हमास (Hamas) को दी जाने वाली बंधकों की लिस्ट देने से इनकार कर दिया और मिस्र (Egypt) की राजधानी काहिरा में हो रही इस शांति प्रस्ताव की बैठक में भी शामिल होने से इनकार कर दिया। इजरायल ने साफ-साफ कह दिया कि वो काहिरा की इस बैठक में अपने प्रतिनिधिमंडल को नहीं भेजेगा।
इधर हमास काहिरा की इस बैठक में हिस्सा लेने के लिए पहुंच गया है, लेकिन इजरायल के ना पहुंचने से अब ये शांति वार्त विफल होती नज़र आ रही है। ऐसे में गाज़ा में सीज़फायर (Ceasefire In Gaza) अपनी जगह लेने में काफी समय ले सकता है।
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Published on:
04 Mar 2024 12:30 pm

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