11 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

हांगकांग में 1. 8 अरब डॉलर के मनी लॉन्ड्रिंग में सात लोग गिरफ्तार, भारत से भी लिंक

गिरफ्तार किए गए लोगों में से कुछ हांगकांग के प्रवासी चीनी हैं। इस रकम में से कुछ हिस्सा भारत में एक मोबाइल ऐप घोटाला मामले से जुड़ा है।

2 min read
Google source verification
arrested_money_laundring.jpg

हांगकांग के सीमा शुल्क अधिकारियों ने शुक्रवार को 14 अरब हांगकांग डॉलर (1.8 अरब अमरीकी डॉलर) के सबसे बड़े धनशोधन मामले में कम से कम सात लोगों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार किए गए लोगों में से कुछ हांगकांग के प्रवासी चीनी हैं। इस रकम में से कुछ हिस्सा भारत में एक मोबाइल ऐप घोटाला मामले से जुड़ा है। गिरोह ने एक मामले से जुड़ी सबसे बड़ी राशि को स्थानांतरित करने के लिए छद्म बैंक खातों और मुखौटा कंपनियों का इस्तेमाल किया।

सीमा शुल्क वित्तीय जांच ब्यूरो की प्रमुख सुजेट इप तुंग-चिंग के अनुसार यह अभियान भारत में एक मोबाइल ऐप घोटाले और देश की दो आभूषण कंपनियों से जुड़ा था, जिन्होंने कथित तौर पर लगभग 2.9 अरब हांगकांग डॉलर (37.1 करोड़ अमरीकी डालर) रकम की हेरफेर की। एक खाते में रोज 10 करोड़ हांगकांग डॉलर (1.28 करोड़ अमरीकी डॉलर) आते थे और उसमें 50 से अधिक दैनिक लेनदेन होते थे। हांगकांग, भारत और अन्य जगहों पर कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने अभियान को अंजाम देने में सहयोग किया।


मीडिया रिपोर्ट के अनुसार संदिग्धों पर रत्न और इलेक्ट्रॉनिक्स से जुड़े लेनदेन के माध्यम से नकदी को वैध बनाने का आरोप लगाया गया था। इसमें 34 साल का एक व्यक्ति भी शामिल था, जिसे मुख्य साजिशकर्ता माना जाता है। उसकी पत्नी, भाई और पिता को भी गिरफ्तार किया गया। उनके साथ ही तीन अन्य हांगकांग निवासियों पर इलेक्ट्रॉनिक्स, रत्न और आभूषणों का व्यापार करने के लिए बड़ी संख्या में फर्जी कंपनियां और फर्जी बैंक खाते स्थापित करने का आरोप लगाया गया था।

8000 कैरेट से अधिक सिंथेटिक रत्न जब्त

अधिकारियों ने भारतीय अधिकारियों के साथ खुफिया जानकारी का आदान-प्रदान किया और पाया कि कुछ पैसा दो आभूषण कंपनियों से आया था। इनके बारे में भारतीय अधिकारियों ने कहा था कि वे घोटाले से जुड़ी थीं। अधिकारियों ने इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों, दस्तावेज़ों और 8,000 कैरेट से अधिक संदिग्ध सिंथेटिक रत्नों को जब्त कर लिया है, जो पूरी तरह भारत में निर्यात के लिए थे।