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श्रीलंका की क्षेत्रीय अखंडता के लिए भारत प्रतिबद्ध

ऐसी व्यवस्था होगी जिसमें सभी को समानता, न्याय, शांति और गरिमा के साथ जीने का अधिकार मिलेगा।

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Jyoti Kumar

Mar 13, 2015

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि भारत श्रीलंका की क्षेत्रीय अखंडता के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है लेकिन इसके साथ ही वह श्रीलंका के संविधान के 13 वे संशोधन की व्यवस्थाओं के तहत देश के तमिल बहुल पूर्वी और उत्तरी प्रांतो को ज्यादा अधिकार दिए जाने का भी पक्षधर है।

मोदी ने शुक्रवार को यहां श्रीलंका के राष्ट्रपति मैत्रिपाला सिरीसेना से ऐतिहासिक राष्ट्रपति सचिवालय में मुलाकात के बाद कहा कि भारत और श्रीलंका के सबंधों को 13 वें संशोधन में की गई व्यवस्थाओं के दायरे से भी आगे ले जाने का प्रयास किया जाएगा। इसमें श्रीलंका के लिए एक ऐसे भविष्य के निर्माण में सहयोग की बात होगी जहां श्रीलंकाई तमिलों समेत समाज के सभी वर्गों की आकांक्षांए पूरी हो सकें

उन्होंने कहा यह एक ऐसी व्यवस्था होगी जिसमें सभी को समानता, न्याय, शांति और गरिमा के साथ जीने का अधिकार मिलेगा। मोदी का यह बयान तमिल बहुल जाफना और तलईमन्नार प्रांतो की यात्रा के एक दिन पहले आया है। मोदी इन प्रांतो की यात्रा करन वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री होंगे।

ऐसा माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री के तमिल बहुल प्रांतो को ज्यादा अधिकार दिए जाने के इस बयान का जाफना में जोर शोर से स्वागत होगा। प्रधानमंत्री ने मैत्रिपाला सिरीसेना से मुलाकात के दौरान भारतीय मछुआरों को लेकर चल रहे विवाद के दीर्घकालिक समाधान पर भी जोर दिया।

उन्होंने कहा कि इसके साथ दोनों देशों के नागरिकों की आजीविका से जुड़ी और मानवीय ङ्क्षचताएं शामिल हैं। इस मसले को इसी नजरिए से सुलझाना चाहिए लेकिन इस विवाद का दीर्घकालिक समाधान निकालना भी जरूरी है। दोनों देशों के मछुआरा संघों को जल्द से जल्द आपस में मिलकर ऐसा समाधान निकालना चाहिए जो दोनों पक्षों को स्वीकार्य हो और जिस पर दोनों देशों की सरकारें भी रजामंद हो सकें

दोनों नेताओं के बीच मुलाकात के मौके पर भारत और श्रीलंका के बीच राजनयिक पासपोर्ट धारकों को वीजा से मुक्ति दिए जाने, सीमा शुल्क पर पारस्परिक मदद से सहयोग, युवाओं के विकास के लिए सहमति पत्र पर तथा श्रीलंका की एक यूनिवर्सिटी में रवीन्द्रनाथ टेगोर के संग्रहालय की स्थापना से जुड़े समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हिंद महासागर में स्थित तीन द्वीपीय राष्ट्रों की पांच दिवसीय यात्रा के अंतिम चरण में शुक्रवार तड़के श्रीलंका की राजधानी कोलंबो पहुंचे थे। भंडारनायके अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर प्रधानमंत्री रानिल विक्रमङ्क्षसघे ने मोदी का स्वागत किया।