उन्होंने भारत सहित अपने पड़ोसियों के खिलाफ चीन के आक्रामक व्यवहार के एक संदर्भ में कहा, 'बड़े देश छोटे देशों को धमका नहीं सकते।किसी भी देश के पास अपनी विदेश नीति, भागीदार, गठबंधन, अपने समूह को चुनने का अधिकार है। ये सिद्धांत इंडो-पेसिफिक क्षेत्र में समान रूप से लागू होते हैं जैसा कि यूरोप में लागू है।'
भारत, अमेरिका और कई अन्य विश्व शक्तियां इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में चीन की बढ़ती सैन्य ताकत को देखते हुए एक स्वतंत्र, खुले और संपन्न हिंद-प्रशांत क्षेत्र की आवश्यकता के बारे में बात कर रही हैं। चीन लगभग सभी विवादित दक्षिण चीन सागर पर अपना दावा करता है।ताइवान, फिलीपींस, ब्रुनेई, मलेशिया और वियतनाम भी इसके कुछ हिस्सों पर दावा करते हैं। बीजिंग ने दक्षिण चीन सागर में कृत्रिम द्वीप और सैन्य प्रतिष्ठान बना रखे हैं।
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