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कुवैत पर ईरानी हमले में मारे गए अपने नागरिक की मौत पर भारत ने जताया शोक, हर संभव मदद का दिया आश्वासन

ईरान ने आज तड़के सुबह कुवैत के एक पावर प्लांट पर हमला किया, जिसमें एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई। इस मामले पर अब भारतीय दूतावास की तरफ से प्रतिक्रिया सामने आई है।

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भारत

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Tanay Mishra

Mar 30, 2026

Indian Embassy in Kuwait

Indian Embassy in Kuwait

ईरान-अमेरिका इज़रायल युद्ध (Iran-US Israel War) अभी भी जारी है। आज इस युद्ध का 31वां दिन है। अमेरिका और इज़रायल की तरफ से ईरान पर लगातार हमले हो रहे हैं, तो वहीं ईरान भी मिडिल ईस्ट (Middle East) में अमेरिका के सहयोगी देशों पर हमले कर रहा है। आज, सोमवार, 30 मार्च को ईरान ने तड़के सुबह कुवैत (Kuwait) में एक पावर और वॉटर डिसेलिनेशन प्लांट पर हमला किया, जिसमें एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई। मारा गया व्यक्ति कुवैत के पावर और वॉटर डिसेलिनेशन प्लांट में काम करता था। इस मामले में अब भारत (India) की प्रतिक्रिया सामने आई है।

भारत ने जताया शोक, हर संभव मदद का दिया आश्वासन

ईरानी हमले में भारतीय नागरिक की मौत पर कुवैत स्थित भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, "कुवैत में भारतीय दूतावास देश में स्थित पावर और वॉटर डिसेलिनेशन प्लांट पर हुए हमले में एक भारतीय नागरिक की दुखद मृत्यु पर गहरी संवेदना व्यक्त करता है। दूतावास कुवैती अधिकारियों के साथ मिलकर हर संभव मदद प्रदान करने का आश्वासन देता है और इसके लिए पूरी तरह से समन्वय कर रहा है।"

युद्ध से प्रभावित हो रहे हैं भारतीय नागरिक

युद्ध की वजह से मिडिल ईस्ट में रहने वाले भारतीय नागरिक भी प्रभावित हो रहे हैं। पिछले एक महीने में मिडिल ईस्ट में 7-8 भारतीय नागरिक इस युद्ध की वजह से अपनी जान गंवा चुके हैं। कई भारतीय नागरिक इन हमलों की वजह से घायल भी हुए हैं। इन देशों में भारतीय दूतावासों ने अपने नागरिकों से सरकार के आदेशों का पालन करने और सुरक्षा का ध्यान रखने की सलाह दी है।

कुवैत पर लगातार हमले कर रहा है ईरान

युद्ध शुरू होने के बाद से कुवैत पर ईरान लगातार हमले कर रहा है। ईरान की तरफ से कुवैत में पावर इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया जा रहा है। मिसाइलों और ड्रोन्स से अब तक कुवैत में पावर इंफ्रास्ट्रक्चर को काफी नुकसान भी पहुंचा है। सिर्फ कुवैत ही नहीं, ईरान अन्य मिडिल ईस्ट देशों में भी पावर इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बना रहा है। इसका असर दुनियाभर में देखने को मिल रहा है, जिससे तेल और गैस का गंभीर संकट पैदा हो गया है।