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‘हमारे भारतीय दोस्त सुरक्षित, होर्मुज स्ट्रेट पर चिंता की कोई बात नहीं’ – ईरान

Iran-US Israel War: ईरान-अमेरिका इज़रायल युद्ध की वजह से होर्मुज स्ट्रेट में भी हालात गंभीर है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की लगातार धमकियों के बावजूद ईरान ने इसे सिर्फ कुछ चुनिंदा देशों के लिए ही खोला हुआ है। अब होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान ने भारत के लिए एक बड़ी बात कह दी है।

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भारत

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Tanay Mishra

Apr 02, 2026

Indian ship in Strait of Hormuz

Indian ship in Strait of Hormuz

ईरान-अमेरिका इज़रायल युद्ध (Iran-US Israel War) का आज 34वां दिन है। अमेरिका (United States of America) के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने देश के नाम अपने पहले संबोधन में इस बात की पुष्टि कर दी है कि वह 2-3 हफ्ते में युद्ध खत्म करके ईरान से निकल जाएंगे। ट्रंप ने यह भी कहा कि इस दौरान अमेरिका की तरफ से ईरान पर भीषण हमला किया जाएगा और ईरान को पाषाण काल में भेज दिया जाएगा। ट्रंप ने ईरान में सत्ता परिवर्तन के भी संकेत दिए। इसके साथ ही होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) पर ईरान के कंट्रोल की वजह से कई देशों को हो रही परेशानी पर संदेश दिया कि जिन देशों को परेशानी हो रही है उन्हें अमेरिका से तेल-गैस खरीदना चाहिए। ट्रंप ने इस युद्ध के दौरान होर्मुज स्ट्रेट खुलवाने की बहुत कोशिश की, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। कई पश्चिमी देशों के लिए होर्मुज स्ट्रेट बंद है, लेकिन ईरान ने कई देशों के लिए यह रास्ता खोला हुआ है। इनमें भारत (India) भी शामिल है। अब ईरान की तरफ से भारत के लिए एक बड़ी बात कही गई है।

"हमारे भारतीय दोस्त सुरक्षित, चिंता की कोई बात नहीं"

भारत में ईरानी दूतावास की तरफ से सोशल मीडिया पर शेयर की गई एक पोस्ट में होर्मुज स्ट्रेट पर भारत के बारे में लिखा गया, "हमारे भारतीय दोस्त सुरक्षित हैं। उनके लिए चिंता की कोई बात नहीं है।"

होर्मुज स्ट्रेट से गुज़र रहे भारत के जहाज

ईरान की तरफ से पहले भी साफ किया जा चुका है कि भारतीय जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट से गुज़रने दिया जाएगा। ऐसे में अब तक तेल-गैस से लदे कई जहाज इस रास्ते से होते हुए भारत आ चुके हैं, जिससे देश में तेल-गैस संकट से कुछ हद तक राहत मिली है। यह सुनिश्चित करने के लिए कि तेल-गैस से लदे जहाज बिना किसी परेशानी के भारत आ जाए, भारतीय नेवी को तैनात किया गया है, जो इन जहाज़ों को सुरक्षित रूप से एस्कॉर्ट कर रही है। हालांकि अभी तक तेल-गैस संकट टला नहीं है और जब तक युद्ध जारी है, संकट बना रहेगा।