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अमेरिका से डील को लेकर भारत सरकार का एक और बड़ा बयान, अचानक क्यों इंडिया आए ट्रंप के मंत्री?

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने आज (26 फरवरी 2026) अमेरिका के वाणिज्य सचिव हावर्ड लटनिक और भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के साथ नई दिल्ली में बैठक की।

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भारत

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Mukul Kumar

Feb 26, 2026

Donald Trump

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप। (Photo-IANS)

अमेरिका के वाणिज्य सचिव हावर्ड लटनिक इस वक्त भारत में हैं। भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर और लटनिक के साथ केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने आज बातचीत की। इसके बाद उन्होंने बड़ा बयान दिया है।

पीयूष गोयल ने गुरुवार को कहा कि उन्होंने हावर्ड लटनिक और सर्जियो गोर के साथ व्यापार और आर्थिक संबंधों को मजबूत करने के लिए बहुत ही सार्थक चर्चा की।

किन मुद्दों पर हुई बात?

गोयल ने अपनी बातचीत के बारे में एक्स पोस्ट पर भी जानकारी दी। पीयूष ने कहा कि उन्होंने अमेरिकी वाणिज्य सचिव और भारत में अमेरिकी राजदूत की मेजबानी की और द्विपक्षीय व्यापार व आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण बातचीत की।

उन्होंने कहा कि चर्चा का मुख्य फोकस भारत और अमेरिका के बीच सहयोग बढ़ाने और संबंधों को और गहरा करने पर रहा। उधर, सर्जियो गोर ने भी इस बैठक को 'प्रोडक्टिव' बताया।

अमेरिकी राजदूत ने क्या कहा?

गोर ने कहा- हावर्ड लटनिक और पीयूष गोयल के साथ बहुत ही उपयोगी लंच मीटिंग रही। हमारे दोनों देशों के लिए सहयोग के कई क्षेत्र मौजूद हैं।

बता दें कि यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब भारत वैश्विक व्यापार में अपनी भूमिका मजबूत करने और प्रमुख साझेदार देशों के साथ आर्थिक संबंध बढ़ाने पर काम कर रहा है।

क्या है भारत सरकार की मंशा

सरकार भारतीय कारोबारियों के लिए ज्यादा बाजार पहुंच सुनिश्चित करने और उन्हें वैश्विक आपूर्ति शृंखलाओं से जोड़ने पर जोर दे रही है।

इससे पहले गोयल ने कहा था कि भारत 38 देशों के साथ नौ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) कर चुका है, जिससे भारतीय व्यवसायों को वैश्विक व्यापार के लगभग दो-तिहाई हिस्से तक विशेष पहुंच मिली है।

फरवरी में अमेरिका के साथ हुई थी डील

बता दें कि फरवरी की शुरुआत में भारत और अमेरिका के बीच एक प्रारंभिक समझौते पर सहमति बनी थी, जिसके तहत अमेरिकी टैरिफ को भारतीय निर्यात पर 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करने की रूपरेखा तय की गई थी।

बदले में भारत ने पांच वर्षों में 500 अरब डॉलर के अमेरिकी सामान खरीदने की योजना का संकेत दिया था। हालांकि, हाल ही में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप प्रशासन के आपातकालीन टैरिफ को अमान्य कर दिया, जिससे भारत के लिए बातचीत की नई संभावनाएं बनी हैं।

क्यों भारत आए ट्रंप के मंत्री?

अमेरिका के वाणिज्य सचिव हावर्ड लटनिक की यह भारत यात्रा आधिकारिक रूप से व्यक्तिगत बताई गई है। फिलहाल, इसकी खास वजह सामने नहीं आई है। लेकिन, इस व्यक्तिगत यात्रा के बीच उन्होंने पीयूष गोयल के साथ मुलाकात की है।