ब्रिटेन के वर्तमान प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन कोरोना के नियमों के उल्लंघन, भ्रष्टाचार समेत कई आरोपों से घिरे हुए हैं। इस कारण उनसे पीएम पद छिन सकता है। प्रधानमंत्री पद की रेस में भारतीय मूल के ऋषि सुनक सबसे आगे चल रहे हैं। क्या है मामला और कैसे ऋषि सुनक इस दौड़ में आगे हैं, इस रिपोर्ट में विस्तार से समझिए।
कोरोना महामारी के कारण कई बड़े नेताओं के राजनीतिक करियर को ग्रहण लगा है। पहले अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और अब इस लिस्ट में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन (Boris Johnson) शामिल हो सकते हैं। ब्रिटेन की एक प्रमुख सट्टा कंपनी 'बेटफेयर' ने दावा किया है कि चारों तरफ से घिरे बोरिस जॉनसन जल्द ही प्रधानमंत्री पद से इस्तिफा दे सकते हैं। बोरिस जॉनसन की जगह भारतीय मूल के ऋषि सुनक ले सकते हैं। ये दावा ब्रिटेन की एक प्रमुख सट्टा कंपनी Betfair ने किया है।
बोरिस जॉनसन ने किया कोरोना के नियमों का उल्लंघन
बेटफेयर ने अपने दावे में कहा है कि 57 वर्षीय जॉनसन के लिए समय ठीक नहीं चल रहा है। मई 2020 में कोरोना लॉकडाउन के दौरान प्रधानमंत्री कार्यालय डाउनिंग स्ट्रीट में हुई ड्रिंक पार्टी के खुलासे के कारण बोरिस जॉनसन की मुश्किलें बढ़ गई है। जॉनसन वर्तमान में न केवल विपक्ष का दबाव झेल रहे हैं, बल्कि अपनी कंजर्वेटिव पार्टी से भी दबाव झेल रहे हैं।
बुधवार को जब बोरिस जॉनसन हाउस ऑफ कॉमन चैम्बर में महामारी से जुड़े नियमों का उल्लंघन करने के लिए माफी मांग रहे थे तब सुनक वहाँ उपस्थित नहीं थे।
ऋषि सुनक ने बनाई बोरिस जॉनसन से दूरी?
अपनी अनुपस्थिति पर सुनक ने ट्वीट कर कहा, "हमारे #PlanForJobs पर काम जारी रखने के साथ-साथ ऊर्जा की स्थिति पर चर्चा करने के लिए सांसदों से मिलने के लिए मैं आज पूरे दिन व्यस्त था।" सुनक का ये ट्वीट तब आया जब ये अटकलें लगाई जा रही थीं कि वो विवादों से घिरे अपने नेता से दूरी बनाकर रख रहे हैं।
ब्रिटेन के वित्त मंत्री सुनक ने लिखा "प्रधानमंत्री ने माफी मांगकर सही किया और मैं सू गरे द्वारा जारी जांच के दौरान उनके धैर्य का मैं समर्थन करता हूँ।
बोरिस जॉनसन पर कई आरोप
बता दें कि कोविड महामारी को ठीक से न संभाल पाने और अफगानिस्तान से जल्दबाजी में सेना को निकालने के आरोप उनपर लगे हैं। इसके अलावा निजी तौर पर उनपर भ्रष्टाचार के मामले लगे हैं। यही कारण है कि कंजर्वेटिव पार्टी को लगता है कि अगला चुनाव बोरिस जॉनसन के नेतृत्व में वो नहीं जीत पाएगी।
गौरतलब है कि वर्ष 2019 में बोरिस जॉनसन के नेतृत्व में कंजर्वेटिव पार्टी ने चुनावों को जीतकर सत्ता हासिल की थी। 2019 और वर्तमान में बोरिस जॉनसन की लोकप्रियता में कफफई अंतर आ चुका है। सभी पहलुओं को देखते हुए कंजर्वेटिव पार्टी अब प्रधानमंत्री का चेहरा बदलने पर विचार कर रही है।
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ऋषि सुनक रेस में सबसे आगे कैसे?
2014 से इस पार्टी के सांसद ऋषि सुनक इस रेस में सबसे आगे हैं। हाल ही में कंजर्वेटिव पार्टी में हुए एक पोल में 46 फीसदी सदस्यों ने माना है कि यदि ऋषि प्रधानमंत्री पद का चेहरा बनते हैं तो कंजर्वेटिव पार्टी की जीत की संभावनाएं दोगुनी हो जाएंगी।
वर्तमान में ऋषि सुनक ब्रिटेन के वित्त मंत्री हैं। उनके पिता पूर्वी अफ्रीका से इंग्लैंड गए थे और यही उनका जन्म हुआ। ऋषि सुनक की पत्नी अक्षिता मूर्ति उनकी पत्नी हैं जो इंफ़ोसिस के संस्था[क नारायण मूर्ति की बेटी है।
और कौन है पीएम पद की रेस में?
ऋषि सुनक के बाद इस रेस में लिज ट्रूस (विदेश मंत्री) और फिर माइकल गोव (कैबिनेट मंत्री) है। इनके अलावा प्रधानमंत्री पद की रेस में पूर्व विदेश मंत्री जेरेमी हंट, भारतीय मूल की गृह मंत्री प्रीति पटेल, स्वास्थ्य मंत्री साजिद जाविद और कैबिनेट मंत्री ओलीवर डॉउडेन भी शामिल हैं।
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