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Crime: खूबसूरत चेहरे के पीछे छिपा शातिर दिमाग, भारतीय महिला ने किया 8300 करोड़ रुपए का फ्रॉड, गूगल तक को नहीं छोड़ा 

Rishi Shah And Shradha Agarwal Fraud Case: श्रद्धा अग्रवाल ऋषि शाह से कॉलेज के दौरान मिलीं थी। जिसके बाद साल 2006 में इन्होंने मेडिकल हेल्थकेयर कंपनी एक्सेंटहेल्थ का अधिग्रहण कर लिया, जहां से इनकी धोखाधड़ी की शुरुआत हुई।

नई दिल्लीJul 03, 2024 / 02:29 pm

Jyoti Sharma

Indian Origin Shradha Agarwal And Rishi Shah Fraud in USA Worth 8300 Crore Rupees

Shradha Agarwal

Rishi Shah And Shradha Agarwal Fraud Case: AI और टेक्नोलॉजी के इस जमाने में धोखाधड़ी अब आम बात हो गई है। भारत में तो ऑनलाइन धोखाधड़ी के हजारों केस दिनभर में आ जाते हैं। लेकिन अब इस ऑनलाइन फ्रॉड का ऐसा मामला सामने आया है जिसने हर किसी की नींदें उड़ा दीं। दरअसल ऋषि शाह (Rishi Shah) नाम का भारतीय मूल का शख्स, जो अमेरिका का एक बड़ा व्यवसाई है, उस पर 8300 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी का आरोपी पाया गया है। आपको जानकर हैरानी होगी कि ऋषि के इस काले कारनामे में उसकी कंपनी की महिला मैनेजर श्रद्धा अग्रवाल (Shradha Agarwal) ने भी उसका पूरा साथ दिया। इन दोनों मिलकर गूगल (Google) जैसी कंपनियों को ठगकर करीब 1 बिलियन डॉलर की चपत लगाई। इस गंभीर अपराध के लिए ऋषि को साढ़े 7 साल की और उसकी मैनेजर श्रद्धा अग्रवाल को 3 साल की सजा सुनाई गई है। 

गूगल तक को जमकर लूटा

रिपोर्ट के मुताबिक ऋषि की खूबसूरत मैनेजर श्रद्धा अग्रवाल (Shradha Agarwal) ने अरबपति निवेशकों को ही अपना निशाना बनाया था जिनसे मोटा पैसा हाथ में आ सके। ये दोनों अमेरिका में शिकागो स्थित मेडिकल टेक्नोलॉजी फर्म आउटकम (Outcome) के पूर्व अधिकारी और सह-संस्थापक थे। 38 साल के ऋषि शाह (Rishi Shah) ने आउटकम ने CEO के पद पर रहने के दौरान और बाद में भी निवेशकों को जमकर ठगा। इनमें दिग्गज सर्ज इंजन कंपनी गूगल भी शामिल है। ऋषि और श्रद्धा के अलावा इनकी कंपनी के मुख्य वित्तीय अधिकारी ब्रैड प्यूड़ी को भी 2 साल 3 महीने की जेल की सजा सुनाई गई है। 

ऋषि शाह और श्रद्धा अग्रवाल कौन हैं?

ऋषि शाह भारतीय अप्रवासी डॉक्टर के बेटे हैं। इनकी पढ़ाई लिखाई अमेरिका के शिकागो में ही हुई है। कॉलेज में पढ़ाई के दौरान ही यहां ऋषि की मुलाकात श्रद्धा अग्रवाल से हुई। इसके बाद दोनों ने मिलकर 2006 में कॉन्टेक्स्ट मीडिया की स्थापना की। इसके लगभग 10 साल बाद उन्होंने एक्सेंटहेल्थ का अधिग्रहण किया और नई इकाई का नाम बदलकर आउटकम हेल्थ (Outcome Health) कर दिया गया। इसने फार्मा कंपनियों को उनके उपकरणों पर विज्ञापन स्लॉट बेचने के अलावा पूरे अमेरिका में डॉक्टर्स के कार्यालयों में मरीजों को टारगेट करने वाले स्वास्थ्य विज्ञापन देने शुरू किए। जिससे धीरे-धीरे ऋषि शाह अमेरिका के व्यापार और सियासत में भी एक नामी चेहरा बन गए जिसमें इसका पूरा साथ इनकी मैनेजर श्रद्धा अग्रवाल दे रही थी। 

कैसे सामने आई धोखाधड़ी 

कोर्ट में पेश दलीलों के मुताबिक इन तीनों ने (ऋषि शाह, श्रद्धा अग्रवाल और ब्रैड प्यूडी) ने ग्राहकों को विज्ञापन सूची बेच दी जो कंपनी के स्वामित्व में नहीं थी। फिर उन्होंने विज्ञापन अभियानों पर कम डिलीवरी की, हालांकि ग्राहकों को पूरी डिलीवरी के लिए चालान दिया गया था। ये 2011 और 2017 के बीच 45 मिलियन डॉलर से ज्यादा बिल वाली सेवाओं के बराबर था। 
साल 2017 में वॉल स्ट्रीट जर्नल ने इस धोखाधड़ी का खुलासा किया था। जिसके बाद गोल्डमैन सैक्स, गूगल-पैरेंट अल्फाबेट और इलिनोइस के गवर्नर जे.बी. प्रित्जकर की फर्म समेत निवेशकों ने आउटकम हेल्थ के खिलाफ मुकदमा दायर किया था।

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