
भारत (India) और मालदीव (Maldives) के बीच चल रहा विवाद अभी भी खत्म नहीं हुआ है। मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू (Mohamed Muizzu) 'इंडिया आउट' अभियान के तहत भारतीय सैनिकों को देश से बाहर निकालना चाह रहे हैं। इसी बारे में कुछ दिन पहले मुइज्जू ने अपने देश की संसद में भाषण भी दिया था और इसमें मालदीव में भारतीय सेना की स्थिति पर भी बयान दिया। हालांकि मुइज्जू के भाषण का मालदीव की दो मुख्य विपक्षी पार्टियों ने बहिष्कार कर दिया था। भारत की सेना को मालदीव से हटाने पर भारत की सरकार सहमत हो गई है पर सेना की जगह खाली नहीं होगी।
योग्य टेक्निकल स्टाफ की होगी तैनाती
मालदीव में भारतीय सैनिकों की जगह भारत का योग्य टेक्निकल स्टाफ लेगा। भारत के विदेश मंत्रालय की तरफ से इस बात की जानकारी दी गई। मुइज्जू भारतीय सैनिकों को पूरी तरह से निकालना चाहते थे और उनकी जगह किसी को नहीं चाहते थे, पर भारत की यह बात मालदीव की सरकार को भी माननी पड़ी। यह बात पहले ही साफ हो गई थी कि भारत की तरफ से असैनिक समूह की मालदीव में तैनाती होगी और अब यह जानकारी भी सामने आ गई है कि यह असैनिक समूह भारत का योग्य टेक्निकल स्टाफ होगा।
कब तक मालदीव छोड़ेंगे भारतीय सैनिक?
10 मार्च, 2024 तक भारत मालदीव के तीन उड्डयन प्लेटफॉर्म्स में से एक जगह से अपने सैनिक हटा लेगा और बाकी दो प्लेटफॉर्म्स से 10 मई, 2024 तक सैनिकों को हटा लेगा। इन्हीं सैनिकों की जगह भारत के योग्य टेक्निकल स्टाफ को तैनात किया जाएगा जो सेना के ज़रूरी काम को आगे बढ़ाएगा।
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Published on:
09 Feb 2024 01:34 pm
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