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अमरीका में अवैध प्रवेश के लिए भारतीयों से वसूले जाते हैं तीन गुना ज्यादा पैसे

अमरीका के दक्षिण से आने वाले अवैध अप्रवासियों पर राष्ट्रपति जो बाइडेन की सख्ती के बाद से अवैध अप्रवासियों का मुद्दा अमरीका में फिर से चर्चा में बना हुआ है।

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वॉशिंगटन। अमरीका के दक्षिण से आने वाले अवैध अप्रवासियों पर राष्ट्रपति जो बाइडेन की सख्ती के बाद से अवैध अप्रवासियों का मुद्दा अमरीका में फिर से चर्चा में बना हुआ है। इसी संबंध में अमरीका के दक्षिणी-पश्चिमी राज्य एरिजोना की कोचाइस काउंटी के शेरिफ मार्क डैनल्स ने वाशिंगटन में सांसदों से कहा है कि एक अंतरराष्ट्रीय आपराधिक संगठन (कॉर्टेल) अमरीकी सीमा में गैरकानूनी तरीके से प्रवेश करने में अप्रवासियों की मदद करता है। कांग्रेस सदस्य बैरी मूरे के सवाल के जवाब में डैनल्स ने इसी सप्ताह सदन की न्यायपालिका समिति के सदस्यों को बताया कि यह कॉर्टेल विदेशी नागरिक को गैरकानूनी तरीके से अमरीका में प्रवेश कराने के लिए कम से कम 7,000 डॉलर वसूलता है, जबकि भारतीय लोगों के अवैध प्रवेश के लिए ये राशि 21000 डॉलर है।

मैक्सिको सीमा सुरक्षित नहीं
डैनल्स ने सांसदों से कहा कि मैक्सिको की सीमा सुरक्षित नहीं है और एक कार्टेल अमरीका की सीमा के दक्षिण हिस्से पर नियंत्रण रखता है। डैनल्स ने कहा कि इन सभी से अमरीका में प्रवेश के बदले बड़ी राशि ली जाती है जो न्यूनतम 7 हजार है। उन्होंने कहा, कॉर्टेल ही तय करता है कि कौन आएगा। उनका शुल्क इस बात से तय होता है कि आप कौन हैं, किस देश हैं।

बन जाते हैं आपराधिक कॉर्टेल के गुलाम
डैनल्स ने कहा, इसलिए जब वे देश के विभिन्न हिस्सों में जाते हैं तो एक प्रक्रिया से गुजर सकते हैं, जैसा कि हमारे न्यायधीश बात करते हैं। लेकिन अंत में वे इस आपराधिक कॉर्टेल के गुलाम बन जाते हैं, जो उनको देह व्यापार, संगठित अपराध, मादक पदार्थों की तस्करी और मजदूरी आदि के लिए इनका इस्तेमाल करते हैं। डैनल्स ने कहा कि ये कतई दोनों पक्षों के लिए फायदे का सौदा नहीं है। मैंने ऐसा होते हुए नहीं देखा।


भारतीय-अमरीकी सबसे अच्छे नागरिक
जनवरी 2023 के दूसरे सप्ताह में जॉर्जिया से सांसद रिच मैककॉर्मिक ने कहा था कि भारतीय-अमरीकी, अमरीका में रह रहे सबसे अच्छे नागरिकों में से हैं। यह कहते हुए उन्होंने उन लोगों के लिए सुव्यवस्थित आव्रजन प्रक्रिया की मांग की थी। एमपीआई की रिपोर्ट के अनुसार, साल 2021 तक अमरीका में रहने वाले भारतीय मूल के लोगों की संख्या 27 लाख है। अमरीका आने वाले भारतीय आम तौर पर उच्च शिक्षित होते हैं और कई भारतीय उच्च कुशल श्रमिकों के लिए नियोक्ताओं की ओर से दिए जाने वाले अस्थाई एच-1बी वीजा के जरिए यहां आते हैं। अमरीकी विश्वविद्यालयों में पढ़ रहे विदेशी छात्रों में भी भारतीय छात्रों की संख्या दूसरे नंबर पर है। हालांकि, अन्य देशों के लोगों की तुलना में भारतीय लोगों में अमरीकी नागरिक बनने की प्रवृत्ति काफी कम है।


अमरीका में अवैध रूप से प्रवेश करने वाले भारतीय

वर्ष अमरीका में बिना दस्तावेज प्रवेश करने वाले भारतीय
2018 9655
2019 9240
2020 20015
2021 30755
2022 63927
स्रोत - अमरीकी कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन रिपोर्ट

2022 में छह गुना अधिक भारतीय सीमा पर रोके गए
अमरीका में भारतीय आप्रवासन पर माइग्रेशन पॉलिसी इंस्टीट्यूट (एमपीआई) 2022 की रिपोर्ट के अनुसार, अक्टूबर 2021 से लेकर सितंबर 2022 तक, अमरीकी अधिकारियों ने दक्षिणी सीमा पर भारतीय प्रवासियों को 18,300 बार रोका। यह आंकड़ा पिछले साल दर्ज किए गए आंकड़े की तुलना में बहुत ज्यादा है। पिछली बार उन्हें 2600 बार रोका गया था।


इन चार देशों के प्रवासियों पर बाइडन सख्त
दक्षिणी सीमा पर वेनेजुएला, क्यूबा, निकारागुआ और हैती के प्रवासियों के खिलाफ बाइडन प्रशासन द्वारा लागू किए गए सख्त प्रतिबंधों के कारण जनवरी में सीमा से अवैध प्रवासियों में तेजी से कमी आई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इन चार देशों के प्रवासियों के अवैध क्रॉसिंग में 95 प्रतिशत से अधिक की कमी आई है, लेकिन अन्य देशों के अवैध अप्रवासी बढ़े हैं, जिसमें सबसे अधिक रूस के अप्रवासी हैं। इसमें कहा गया है कि पिछले महीने मैक्सिको सीमा पर प्रवासियों की संख्या दिसंबर में 251,487 से घटकर लगभग 150,000 रह गई।