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Bali Bombings: बाली बम धमाकों का दोषी आतंकी पैरोल पर रिहा, 202 लोगों की गई थी जान

Indonesia paroles the bombmaker in Bali's deadly 2002 attacks: इंडोनेशिया के सबसे घातक बम विस्फोटों की 20 वीं बरसी के करीब दो माह बाद इंडोनेशिया ने 2002 में 200 से अधिक लोगों की जान लेने वाले बाली बम विस्फोटों में भूमिका के लिए दोषी आतंकी उमर पाटेक (Umar Patek) को पैरोल पर रिहा कर दिया है। ऑस्ट्रेलिया ने इस फैसले की आलोचना की है। जिसके सबसे ज्यादा लोग हमलों में मारे गए थे।

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अल कायदा (Al Qaeda) से जुड़े जेमाह इस्लामिया (Jemaah Islamiyah JI) के उमर पाटेक (55) को इंडोनेशिया की एक अदालत ने 2012 में 20 साल की जेल की सजा सुनाई थी, जब उसे बाली के दो नाइट क्लबों में 12 अक्टूबर 2002 को हुए विस्फोटों के सिलसिले में दोषी पाया गया था। जिसमें कम से कम 20 अलग-अलग देशों के 202 लोग मारे गए थे और सैकड़ों घायल हुए थे। सबसे ज्यादा 88 लोग ऑस्ट्रेलिया के मारे गए थे। 'अच्छे आचरण' के चलते अब उसे पैरोल पर रिहा कर दिया गया है।

पाकिस्तान से पकड़ कर लाए थे
हमले के लिए बम बनाने वाला पाटेक करीब 10 साल तक फरार रहने के बाद 2011 में पाकिस्तान से पकड़ लिया गया था। एक साल बाद एक इंडोनेशियाई अदालत द्वारा दोषी ठहराया गया। अभियोजकों ने उसके लिए आजीवन कारावास की मांग की थी। आखिरकार, उसे 20 साल की सजा सुनाई गई। पाटेक को 2000 में जकार्ता में बम विस्फोटों की एक श्रृंखला से संबंधित अन्य आरोपों में भी दोषी ठहराया गया था, जिसमें 19 लोग मारे गए थे।

मुख्य अपराधियों का यह हुआ हाल
इंडोनेशिया ने बाली बम धमाकों के मुख्य अपराधियों में से तीन को मौत की सजा सुनाई और उन्हें 2008 में मार डाला गया। एक चौथे, अली इमरान को माफी मांगने और पश्चाताप व्यक्त करने के बाद उम्रकैद की सजा दी गई। एक एन्सेप नूरजामन या हम्बली के नाम से जाने जाना वाला शख्स अमरीका की ग्वांतानामो बे में 16 वर्षों से कैद है।

ऑस्ट्रेलिया ने बताया निराशाजनक फैसला
ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका की मदद से, इंडोनेशिया ने बाली हमलों के मद्देनजर डेंसस 88 नामक एक विशिष्ट पुलिस इकाई की स्थापना की और जेआई को काफी कमजोर कर दिया गया है। इंडोनेशिया ने अगस्त में घोषणा की कि पाटेक अपनी सजा में कुछ कटौती के बाद पैरोल के लिए पात्र हो गया था। ऑस्ट्रेलिया ने इस फैसले की आलोचना की। ऑस्ट्रेलिया के उप प्रधानमंत्री रिचर्ड मार्लेस ने कहा कि हमले में अपने प्रियजनों को खोने वाले लोगों के लिए यह एक बेहद निराशाजनक दिन है।

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