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भगवान ही मालिक! इस पूरे शहर के डॉक्टर्स को निवेशकों ने ही खरीद लिया

अमेरिका से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां के एक शहर के सभी डॉक्टर्स को निवेशकों ने ही खरीद लिया है। निवेशकों का तर्क है कि इससे बाज़ार मजबूत होता है।

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वाशिंगटन। चिकित्सा क्षेत्र में इलाज और सुविधाओं पर तो निजी कंपनियां पहले ही हाथ डाल चुकी हैं, अब डॉक्टर्स की प्रैक्टिस को भी निजी कंपनियां अधिग्रहण कर रही हैं। अमरीका (America) के कई शहरों में इन कंपनियों ने बाजार की बड़ी हिस्सेदारी हासिल कर कीमतों को नियंत्रित कर लिया है। चिकित्सकों की प्रैक्टिस में निजी भागीदारी बढऩे पर किए अध्ययन में सामने आया कि निजी निवेशक शहर के डॉक्टरों के समूहों को खरीदते हैं, जिससे बाजार मजबूत होता है। इसका उपयोग निजी इक्विटी फर्में कीमतें बढ़ाने के लिए करती हैं।

रिपोर्ट में पाया गया कि 10 में से आठ स्पेशियलिटी में बढ़ी कीमतों के पीछे यही निजी इक्विटी कंपनियां हैं। मूल्य वृद्धि उन बड़े शहरों में ज्यादा है, जहां एकल इक्विटी फर्म बाजार पर 30 फीसदी से ज्यादा नियंत्रण रखती हैं।
निजी इक्विटी समूह अमरीकन इन्वेस्टमेंट काउंसिल के अध्यक्ष ड्रू मैलोनी का कहना है कि निजी इक्विटी निवेश से रोगी की बेहतर चिकित्सा और उच्च गुणवत्ता वाली सुविधाएं मिलती हैं। बिलिंग और मेडिकल रिकॉर्ड रखने की कुशल पद्धति विकसित हुई है, जिससे डॉक्टर बेहतर ढंग से इलाज कर पाते हैं।

जहां निजी भागीदारी अधिक, वहां बढ़ी कीमतें

बर्कले में कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी और वाशिंगटन सेंटर फॉर इक्विटेबल ग्रोथ के शोध के मुताबिक गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी की 14 फीसदी, नेत्र रोग विशेषज्ञों की 9 फीसदी और ऑन्कोलॉजिस्ट की 16 फीसदी कीमतें बढ़ीं। ये कीमतें तब बढ़ीं जहां निजी इक्विटी स्वामित्व वाली प्रैक्टिस ने बाजार के बड़े हिस्से को नियंत्रित किया। अध्ययन में पाया कि 2012 में ऐसे शहरों की संख्या ना के बराबर थी, जहां निजी इक्विटी फर्मों का आधे से अधिक बाजार पर नियंत्रण था, लेकिन 2021 में ऐसे शहर 50 से ज्यादा हो गए।

प्रभाव का अध्ययन करने का आग्रह

अध्ययन के लेखकों ने संघीय नियामकों से चिकित्सा समूहों में निजी फर्मों के निवेश के प्रभाव का बारीकी से अध्ययन करने का आग्रह किया है। इनका कहना है कि इसमें निजी इक्विटी अधिग्रहण संघीय अनुमति के बिना हुए हैं, जिनकी जांच की जानी चाहिए।