26 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

ज्यादा बच्चे पैदा हों इसके लिए ईरान लाया अजीबो-गरीब कानून, विशेषज्ञों ने कहा- इससे महिलाओं की जान को खतरा होगा

ह्यूमन राइट्स वॉच के मुताबिक, कानून ईरानी महिलाओं की यौन और प्रजनन स्वास्थ्य आवश्यकताओं का उल्लंघन करता है। संगठन ने मांग की है कि ईरान बिना किसी देरी के नए कानून को निरस्त करे और इसके उन सभी प्रावधानों को हटा दे, जिससे ईरानी महिलाओं के मौलिक अधिकारों का और उल्लंघन हो सकता है।  

2 min read
Google source verification

image

Ashutosh Pathak

Nov 16, 2021

woman.jpg

नई दिल्ली।

अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन ह्यूमन राइट्स वॉच के मुताबिक आबादी बढ़ाने के लिए ईरान नया कानून लाया है। यह कानून महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ है।

इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान में नए कानून को 1 नवंबर को शूरा गार्जियन नामक एक राष्ट्रीय निकाय द्वारा अनुमोदित किया गया था। कानून को देश की आबादी और सहायक परिवारों में युवाओं के अनुपात में वृद्धि के रूप में करार दिया गया है। कानून पुरुषों और महिलाओं की नसबंदी और ईरानी सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली में गर्भ निरोधकों के मुफ्त वितरण को प्रतिबंधित करता है।

अगर गर्भावस्था की स्थिति में किसी महिला के स्वास्थ्य को गंभीर खतरा होने का जोखिम हो तो इसमें छूट है। कानून वर्तमान में सात साल के लिए प्रभावी है और ईरान ने पहले से ही गर्भपात और गर्भ निरोधकों तक पहुंच पर प्रतिबंध लगा रखा है। इस कानून को देश की संसद ने इसी साल 16 मार्च को गार्जियन काउंसिल द्वारा अनुमोदित किए जाने से पहले पारित किया था

यह भी पढ़ें:-यूरोप में टिड्डे को भोजन के तौर पर किया गया शामिल, जानिए कैसे खाया जाता है इसे, जल्द ही इस कीड़े का नंबर भी आएगा

जैसे ही इस कानून को अंतिम रूप दिया जाएगा और देश के आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशित किया जाएगा तब कानून लागू हो जाएगा। नवंबर महीने के अंत में ऐसा होने की संभावना है। ह्यूमन राइट्स वॉच में ईरान पर एक वरिष्ठ शोधकर्ता तारा सहपहरी फर कहती हैं कि ईरानी सांसद लोगों के सामने आने वाले गंभीर मुद्दों, जैसे सरकारी अक्षमता, भ्रष्टाचार और राज्य दमन का समाधान नहीं करना चाहता है।

इसके बजाय महिलाओं के मौलिक अधिकारों पर हमला करते हैं" तारा सहपहरी के मुताबिक, जनसंख्या वृद्धि कानून ईरान की आधी आबादी को स्वास्थ्य, बुनियादी अधिकार और गरिमा से वंचित करता है। वह महिलाओं को बुनियादी प्रजनन स्वास्थ्य देखभाल और आवश्यक जानकारी तक पहुंच से भी रोकता है।

यह भी पढ़ें:-आस्ट्रेलिया में बदमाशों ने महात्मा गांधी की प्रतिमा तोड़ी, प्रधानमंत्री ने कुछ घंटे पहले ही किया था इसका अनावरण

ईरान में इस नए कानून के साथ बच्चों वाले परिवारों को कई नए लाभों का वादा किया गया है। उदाहरण के लिए गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए रोजगार लाभ में वृद्धि की गई है, लेकिन इस तथ्य का कोई समाधान नहीं निकला है कि ईरानी महिलाओं को घरेलू नौकरी बाजार का व्यावहारिक हिस्सा बनने से रोक दिया गया है और रोजगार के मामले में महिलाओं के खिलाफ भेदभाव समाप्त नहीं हुआ है।