
प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीर। (फोटो- AI)
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने युद्धविराम के बाद ईरान को बड़ा ऑफर दिया था। उन्होंने साफ शब्दों में कहा था कि अमेरिका ईरान के साथ मिलकर काम करने को तैयार है, लेकिन सबसे पहले उसे अपना पूरा यूरेनियम संवर्धन कार्यक्रम रोकना होगा।
इस पर ईरान ने प्रतिक्रिया दी है। उसने अमेरिकी राष्ट्रपति की बात मानने से साफ इनकार कर दिया है। ईरान के परमाणु ऊर्जा प्रमुख मोहम्मद इस्लामी ने कहा कि देश के यूरेनियम संवर्धन कार्यक्रम में कोई कटौती नहीं की जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि दुश्मन ईरान के संवर्धन कार्यक्रम को सीमित करने में सफल नहीं होगा।
ट्रंप ने यूरेनियम संवर्धन कार्यक्रम को खत्म करने के साथ ईरान को गहरी धरती में दबे हुए परमाणु के बचे हुए मलबे को पूरी तरह खोदकर निकालने को भी कहा था। उन्होंने आगे कहा कि इसके बदले अमेरिका सैंक्शन्स हटाने और टैरिफ कम करने पर विचार कर सकता है।
ट्रंप ने जोर देकर यह भी कहा कि ईरान की परमाणु सुविधाओं पर अमेरिका की सैटेलाइट नजर रखे हुए है। हमला वाले दिन से कुछ भी छुआ नहीं गया है।
अब दो हफ्तों के लिए बमबारी रोक दी गई है, लेकिन शर्त यह है कि ईरान हार्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह खोल दे ताकि दुनिया का तेल और जहाजों का आवागमन सुरक्षित हो सके।
मंगलवार को ट्रंप ने बहुत सख्त चेतावनी दी थी कि अगर उनकी बात नहीं मानी गई तो ईरान की पूरी सभ्यता रातोंरात खत्म हो जाएगी। लेकिन आखिरकार दोनों तरफ से युद्धविराम पर सहमति बन गई।
लंदन के चैथम हाउस थिंक टैंक में मध्य पूर्व और उत्तरी अफ्रीका कार्यक्रम की निदेशक सनम वकील का कहना है कि ट्रंप के बेहद गंभीर बयानों ने दुनिया भर में इस डर को और गहरा कर दिया है कि युद्ध खतरनाक स्तर तक जा सकता है।
अल जजीरा ने वकील के हवाले से बताया- मुझे लगता है कि पूरे ईरान में और उससे भी बढ़कर पूरे मध्य पूर्व में, वह रात सबके लिए बिना सोए गुजरी। लोग इस बात को लेकर बहुत घबराए हुए थे कि आगे क्या होने वाला है। वकील ने कहा- युद्धविराम का हम बहुत स्वागत करते हैं, लेकिन ट्रंप के बयान अभी भी चौंकाने वाले और हैरान करने वाले हैं।
Updated on:
09 Apr 2026 04:47 pm
Published on:
09 Apr 2026 03:46 pm
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