
होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों के लिए ईरान विकसित कर रहा नई प्रणाली(AI Image)
Iran-Israel War: US और ईरान-इजरायल के बीच 28 फरवरी से शुरू हुआ संघर्ष खतरनाक मोड पर पहुंच चुका है। इस संघर्ष की वजह से होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते से होने वाली गैस-तेल की बाधित हुई है। होर्मुज स्ट्रेट से होने वाली सप्लाई बाधित होने की वजह से दुनिया के कई देश ऊर्जा संकट के मुंहाने पर खड़े हैं। इस गंभीर परिस्थिति से निपटने के लिए ईरान ने खास रणनीति बनाई है।
ईरान की इस नई रणनीति से भारत समेत कई देशों को बड़ा फायदा हो सकता है। लॉयड्स लिस्ट की रिपोर्ट के मुताबकि, होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों के लिए एक नई 'जांच और पंजीकरण प्रणाली' विकसित कर रहा है। इस नई तकनीकी के जरिए ईरान रणनीतिक जलमार्ग में जहाजों की पहचान करके उनका सुरक्षित परिचालन करा सकेगा और दुश्मन के जहाजों पर नजर रख सकेगा।
लॉयड्स के अनुसार, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) द्वारा कथित तौर पर एक नई जांच और पंजीकरण प्रणाली विकसित की जा रही है। लॉयड्स को ईरानी अधिकारियों ने बताया कि पूर्व-अनुमोदित मार्ग(Pre-approved routes) का उपयोग करने के इच्छुक जहाजों से अपेक्षा की जाती है कि वे होर्मुज स्ट्रेट क्रॉस करने से पहले जहाज के स्वामित्व और माल के गंतव्य दोनों के संबंध में विस्तृत जानकारी IRGC को दें।
ईरान द्वारा तैयार की जा रही नई प्रणाली के बारे में अंतर्राष्ट्रीय व्यापार और समुद्री कानून के विशेषज्ञ एलेक्स मिल्स ने अल जजीरा से बात की। एलेक्स मिल्स ने अल जजीरा को बताया कि नई पंजीकरण प्रणाली कुछ देशों के लिए अल्पकालिक समाधान प्रदान करती है। हालांकि, लंबे समय में यह आर्थिक रूप से लाभदायक नहीं हो सकती है। उन्होंने कहा कि ईरानी जलक्षेत्र से गुजरने और बंदरगाहों पर रुकने वाले जहाजों द्वारा अपने सभी कार्गो गंतव्यों की जानकारी देकर अनुमति लेना का प्रस्ताव काफी दिलचल्प है। कुछ जहाज गुप्त रूप से ईरानी जलक्षेत्र में प्रवेश करते हैं। यह नियमों के विपरीत है। हालांकि यह प्रक्रिया लंबे समय से चली आ रही है। गुप्त रूप से ईरानी जलक्षेत्र में प्रवेश करना सुरक्षा जोखिम पैदा करता है।
ईरानी जलक्षेत्र से गुजरने वाले जहाजों द्वारा अपने सभी कार्गो की जानकारी देने के बाद अनुमति लेकर प्रवेश करने की प्रक्रिया शुरू हो जाती तो इससे भारत समेत कई देशों को फायदा होगा। दरअसल, इसी सप्ताह में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने होर्मुज स्ट्रेटे से गुजरने वाले माल वाहक भारतीय जहाजों के लिए सकारात्मक बयान दिया था। अराघची ने कहा था कि होर्मुज स्ट्रेट खुला है, लेकिन यह हमारे दुश्मनों के लिए बंद है। अराघची के बयान से पहले IRGC ने कहा था कि जलमार्ग से गुजरने की कोशिश करने वाले किसी भी जहाज को आग लगा दी जाएगी। हालांकि, IRGC के बयान के बाद अराघची कई बार भारत को मित्र बता चुके हैं। भारत ने भी हाल ही में ईरान को मेडिकल सहायता भेजी है।
ईरान और भारत के बीच व्यापार (विशेषकर ऊर्जा) और रणनीतिक तौर पर ऐतिहासिक संबंध हैं। भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने हाल ही में होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों के गुजरने के बारे में ईरान से सीधी बात की थी। एस जयशंकर ने कहा कि ईरान के साथ सीधे बातचीत से भारतीय जहाजो को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने में मदद मिली है। ईरान से बातचीत के बाद बीते शनिवार को भारतीय झंडे वाले 2 गैस टैंकर फारस की खाड़ी में होर्मुज के स्ट्रेट से गुजरे हैं।
Published on:
20 Mar 2026 06:16 pm
बड़ी खबरें
View Allविदेश
ट्रेंडिंग
US Israel Iran War
