
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Image-ANI)
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने गुरुवार को एक ऐसा बयान दिया, जिसने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। उन्होंने दावा किया कि ईरान ने अमेरिका के प्रति “सद्भावना” दिखाते हुए एक बड़ा कदम उठाया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप ने कहा कि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल से भरे कई टैंकरों को गुजरने की अनुमति दी है। ये वही इलाका है जिसे दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में गिना जाता है। यहां से गुजरने वाले जहाज वैश्विक तेल सप्लाई के लिए बेहद जरूरी होते हैं।
ट्रंप ने वाइट हाउस में कैबिनेट बैठक के दौरान कहा कि यह सब अमेरिका और ईरान के बीच चल रही गुप्त बातचीत का हिस्सा हो सकता है। उन्होंने बताया कि शुरुआत में उन्हें खुद इस बात की पूरी जानकारी नहीं थी। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने खबरों में देखा कि तेल से भरे टैंकर होर्मुज के बीच से गुजर रहे हैं, तब उन्हें लगा कि कुछ असामान्य हो रहा है। उनके अनुसार, पहले आठ जहाजों की बात थी, लेकिन बाद में यह संख्या बढ़कर दस हो गई।
इस पूरे घटनाक्रम में एक दिलचस्प पहलू यह भी है कि ट्रंप ने कहा कि ये जहाज पाकिस्तानी झंडे के तहत चल रहे थे। इससे यह संकेत मिलता है कि पाकिस्तान इस मामले में किसी न किसी रूप में शामिल हो सकता है, चाहे वह लॉजिस्टिक्स हो या कूटनीतिक भूमिका। ट्रंप ने इस कदम को एक तरह का “तोहफा” बताया और कहा कि यह दिखाता है कि अमेरिका सही लोगों के साथ बातचीत कर रहा है। उन्होंने हल्के अंदाज में यह भी कहा कि उन्हें उम्मीद है कि उन्होंने इस खुलासे से चल रही बातचीत को नुकसान नहीं पहुंचाया होगा।
हालांकि ट्रंप के इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन अगर इसमें सच्चाई है तो यह अमेरिका-ईरान रिश्तों में एक नए मोड़ का संकेत हो सकता है। लंबे समय से दोनों देशों के बीच तनाव रहा है, खासकर तेल और परमाणु कार्यक्रम को लेकर। फिलहाल यह साफ नहीं है कि ये टैंकर किस डील का हिस्सा हैं या सिर्फ एक संकेत हैं कि दोनों देश बातचीत की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। लेकिन इतना जरूर है कि ट्रंप का यह बयान चर्चा का बड़ा विषय बन चुका है।
Updated on:
26 Mar 2026 11:07 pm
Published on:
26 Mar 2026 11:07 pm
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