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अमेरिकी खुफिया विभाग के सबसे बड़े अधिकारी का ईमेल हैक, युद्ध के बीच ईरान के हैकरों ने ट्रंप को दिया बड़ा झटका!

अमेरिका में ट्रंप प्रशासन ने भारतीय-अमेरिकी काश पटेल को FBI डायरेक्टर नियुक्त किया। इसी बीच ईरान से जुड़े हैकरों ने उनकी पर्सनल ईमेल हैक कर ली।

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भारत

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Mukul Kumar

Mar 28, 2026

Telegram users beware: The first message that arrives is a hidden link; clicking it can hack your desktop or mobile.

प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीर। (फाइल फोटो- पत्रिका)

अमेरिका में ट्रंप प्रशासन ने भारतीय-अमेरिकी शख्स काश पटेल को फेडरल जांच ब्यूरो (एफबीआई) का डायरेक्टर बनाया है। इस बीच, अमेरिका में कुछ ऐसा हुआ है, जिसको लेकर भारी बवाल मच गया है।

दरअसल, ईरान से जुड़े हैकरों ने FBI के डायरेक्टर काश पटेल की पर्सनल ईमेल में सेंध लगा दी। दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने ईमेल से जो चुराया, उसे सोशल मीडिया पर इस तरह पेश किया, जैसे कोई बड़ा खजाना हाथ लग गया हो। लेकिन जब असल में देखा गया तो निकला क्या? पुरानी तस्वीरें, कुछ पर्सनल बातें और किराए का घर ढूंढने के मैसेज।

नहीं गली हैकरों की दाल

इस पर तंज कसते हुए साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट रॉन फबेला ने कहा कि यह FBI का कोई सीक्रेट डेटा नहीं था, बल्कि किसी की पर्सनल अलमारी थी जिसमें पुराना सामान भरा पड़ा था। हैकरों ने इसे अभेद्य FBI सिस्टम तोड़ने की जीत बताया, लेकिन असल में उनकी दाल नहीं गली।

CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, ईमेल से निकाले गए डेटा 2011 से 2022 के बीच के हैं. जिनमें पर्सनल, बिजनेस और ट्रैवल से जुड़ी बातें हैं। FBI ने साफ कर दिया है कि कोई भी सरकारी जानकारी हैकरों के हाथ नहीं लगी।

पहली बार नहीं हुआ ऐसा

बता दें कि काश पटेल इससे पहले भी ईरानी हैकरों के निशाने पर आ चुके हैं। 2024 के आखिर में जब वो FBI डायरेक्टर बने भी नहीं थे, तब भी उनकी पर्सनल बातों तक पहुंचने की कोशिश की गई थी। उस वक्त चीन और ईरान दोनों मिलकर ट्रंप के करीबी लोगों को टारगेट कर रहे थे जिनमें टॉड ब्लांच और डोनाल्ड ट्रंप जूनियर भी शामिल थे।

हमला क्यों? बदले की आग

अमेरिका और इजराइल ने ईरान के खिलाफ युद्ध छेड़ा है। ऐसे में खुफिया एजेंसियां पहले से आगाह कर रही थीं कि ईरान समर्थित हैकर इसका बदला लेने की फिराक में हैं।

यही 'हैंडला हैक टीम' इस महीने की शुरुआत में एक बड़ी अमेरिकी मेडिकल डिवाइस कंपनी पर भी साइबर हमला कर चुकी है। उन्होंने तब कहा था कि यह ईरान में एक स्कूल पर मिसाइल हमले का जवाब है जिसमें 168 बच्चों के मारे जाने की बात ईरानी मीडिया ने कही थी। पेंटागन अभी इसकी जांच कर रहा है।

FBI की पलटवार की तैयारी

अब FBI भी इस हैकिंग का कड़ा जवाब देने की फिराक में है। उसने इस हैकर ग्रुप की पहचान के लिए एक करोड़ डॉलर के इनाम का ऐलान किया है।

अमेरिकी न्याय विभाग का कहना है कि यह हैकर ईरान की इंटेलिजेंस और सिक्योरिटी मंत्रालय के लिए काम करते हैं। पहले इनकी वेबसाइटें भी जब्त की गई थीं, लेकिन ये रुके नहीं। FBI ने बयान में कहा कि हम इस पूरे मामले से वाकिफ हैं और जो भी जरूरी कदम उठाने थे, उठा लिए गए हैं।