
ईरान तेल अवीव में मिसाइलों से हमला किया। (फोटो: AI)
Middle East Conflict : इजराइल और अमेरिका के ईरान पर हमले और आयतुल्लाह खामेनेई की मौत के बाद ईरान की ओर से तेल अवीव (tel aviv missile strike) में किए गए मिसाइल और ड्रोन हमलों (iran attack) ने शहर के बड़े डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉम्प्लेक्स और आसपास के रिहाइशी इलाकों को निशाना बनाया है।ये हमले अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर किए गए बड़े हमलों के जवाब (israel defense) में हुए हैं, जिनमें ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत हो गई। इज़राइल की सेना ने कई मिसाइलों को रोक लिया, लेकिन कुछ इलाकों में नुकसान और हताहत होने की खबरें आई हैं। उधर इजराइल की एयरफोर्स (Israel defense) ने तेहरान में टारगेटेड हमले किए इस घटना ने मध्य पूर्व में तनाव (middle east crisis) को चरम पर पहुंचा दिया है।
ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागेर ग़ालिबाफ़ ने अमेरिका और इज़राइल को कड़ी चेतावनी जारी की है। एक टीवी संबोधन में उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इज़राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को "घिनौने अपराधी" कहा। ग़ालिबाफ़ ने दावा किया कि इन नेताओं ने ईरान की लाल रेखा को पार कर लिया है और अब उन्हें इसका भारी नतीजा भुगतना होगा। उन्होंने कहा कि ईरान हर हालात के लिए पूरी तरह तैयार है और दुश्मनों को इतना जोरदार जवाब दिया जाएगा कि वे दया मांगने पर मजबूर हो जाएंगे।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान ने मिसाइल हमलों से जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी है। इन हमलों से इज़राइल के अलावा क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों पर भी असर पड़ा है। ईरान की सेना और रिवोल्युशनरी गार्ड्स पूरी ताकत से तैयार बताए जा रहे हैं। ग़ालिबाफ़ ने अमेरिका-इज़राइल पर इल्ज़ाम लगाया कि वे क्षेत्र में अस्थिरता फैला रहे हैं और ईरान के खिलाफ अपराध कर रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि दुश्मन जल्दी जीतने की सोच रहे हैं, लेकिन कुछ दिनों में उनकी हकीकत सामने आ जाएगी।
यह बयान बेहद उत्तेजक और चिंताजनक है। ईरान की ओर से इतनी आक्रामक भाषा इस्तेमाल होना बताता है कि स्थिति अब हाथ से निकल सकती है। पूरी दुनिया को आशंका है कि यह टकराव बड़े युद्ध में बदल सकता है, जिसमें लाखों लोग प्रभावित होंगे और क्षेत्रीय शांति खतरे में पड़ जाएगी।
आने वाले दिनों में ईरान की ओर से और बड़े हमले हो सकते हैं। अमेरिका ने साफ कहा है कि किसी भी जवाबी कार्रवाई का सख्ती से मुकाबला किया जाएगा। ईरान में नए नेता का चुनाव कैसे होगा? क्या सऊदी अरब, UAE जैसे देश इस संघर्ष में शामिल होंगे? ये सवाल अब सबसे बड़े हैं और स्थिति पर सबकी नजर टिकी हुई है।
इस पूरे घटनाक्रम में ईरान के आंतरिक हालात भी अहम हैं। सर्वोच्च नेता की मौत के बाद सत्ता में संकट पैदा हो सकता है। संसद अध्यक्ष ग़ालिबाफ़ को संभावित उत्तराधिकारी माना जा रहा है। क्या उनका यह बयान अपनी ताकत दिखाने का तरीका भी है? अमेरिका में भी ट्रंप की नीति पर बहस छिड़ गई है कि क्या यह कदम क्षेत्रीय शांति के लिए सही था।
Published on:
01 Mar 2026 02:36 pm
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