
मोहनलाल सुखाडि़या विश्वविद्यालय ने कुलाधिपति की स्मार्ट विलेज योजना के तहत अब धार गांव के कायाकल्प का जिम्मा संभाला है। गांव के युवाओं और महिलाओं को स्वरोजगार देने के लिए विश्वविद्यालय ने नेशनल स्किल डवलपमेंट सेंटर (एनएसडीसी) से करार किया है।
धार के नोडल प्रभारी प्रो. पीआर व्यास ने बताया कि ग्राम पंचायत के अंतर्गत 6 गांवों की आबादी करीब 2 हजार है। विवि ने संबंधित विभागों के सहयोग से वहां स्ट्रीट लाइट लगवाने, महिलाओं को सिलाई प्रशिक्षण देने का जिम्मा लिया है। 10वीं पास युवाओं को मोबाइल, मोटर पम्प, रिपेयरिंग, पलम्बर का प्रशिक्षण देने के लिए स्किल सेंटर से जोड़ा जाएगा। पंचायत के ग्रामीणों को बैङ्क्षकग सुविधा की जानकारी देने के लिए हर महीने कम से कम एक बैकिंग शिविर का आयोजन होगा। रोजगारपरक प्रशिक्षण के लिए पंचायत प्रतिनिधि युवाओं से आवेदन ले रहे हैं। विवि की ओर से एक स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया।
रघुनाथपुरा में पेयजल संकट बरकरार
इससे पहले विश्वविद्यालय की ओर से गोद लिए गए रघुनाथपुरा गांव में पेयजल समस्या का समाधान अब तक नहीं हो पाया है। राज्यपाल कल्याण सिंह दो बार रघुनाथपुरा का दौरा कर चुके हैं। दोनों बार ग्रामीणों ने पेयजल समस्या से राज्यपाल और जन प्रतिनिधियों को अवगत करवाया। विधायक मद से दस लाख रुपए की स्वीकृत हो गए हैं मगर सांसद मद से पेयजल के लिए 20 लाख रुपए की अनुदान राशि का अभी तक स्वीकृत नहीं हुई है। विश्वविद्यालय ने भी दो वर्ष तक इस समस्या के समाधान के लिए प्रयास किया लेकिन उसे सफलता नहीं मिली। हालांकि विवि ने वहां गहरे गड्ढे को भरकर पक्की चौपाल तैयार की है। महिलाओं को सिलाई और विद्यार्थियों को कम्प्यूटर का प्रशिक्षण दिया लेकिन इनको योजना के अनुसार रोजगार से नहीं जोड़ सका।
रघुनाथपुरा में पेयजल समस्या का समाधान शीघ्र करवा दिया जाएगा। राशि जनप्रतिनिधियों और यूआईटी से प्राप्त होनी है। दोनों गांवों के विकास के लिए विश्वविद्यालय पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
प्रो. जेपी, शर्मा, कुलपति सुखाडि़या विवि।
Published on:
14 Jun 2017 01:36 pm
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