
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप। (Photo-X)
ईरान में सरकार के खिलाफ भारी प्रदर्शन चल रहा है। इस बीच, ईरानी सरकार पर यह आरोप लग रहे हैं कि वह प्रदर्शनकारियों को दबाने की कोशिश कर रही है। इसके अलावा, उन पर हमले करा रही है।
उधर, ईरान में प्रदर्शनकारियों पर हो रहे हमले को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सख्त चेतावनी दे दी है। उन्होंने कहा है कि अगर उन्हें (प्रदर्शनकारी) कुछ हुआ तो ईरान को इस धरती के नक्शे से मिटा दिया जाएगा।
इस धमकी का ईरान के सुप्रीम लीडर के भारत में प्रतिनिधि डॉ अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने करारा जवाब दिया है। उन्होंने कहा है कि उनके देश के खिलाफ टिप्पणियां नई नहीं हैं और वह अब हर चीज के लिए तैयार है।
अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने एएनआई को दिए एक इंटरव्यू में यह बात कही। दरअसल, ट्रंप ने कहा था- प्रदर्शनकरियों पर ईरान को अत्याचार नहीं करना चाहिए लेकिन मैंने चेतावनी दे दी है। अगर कभी कुछ होता है, तो हम पूरे देश को उड़ा देंगे।
इससे पहले, ट्रंप ने ईरान में बढ़ती महंगाई और आर्थिक कठिनाई के कारण देशव्यापी सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बाद ईरान पर संभावित सैन्य हमलों की संभावना जताई थी।
उन्होंने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के 37 साल के शासन को खत्म करने की भी अपील करते हुए कहा- अब ईरान में नए नेतृत्व की तलाश करने का समय आ गया है।
वहीं, अमेरिकी रक्षा मुख्यालय पेंटागन ने कहा है कि वह एक अमेरिकी कैरियर स्ट्राइक ग्रुप को दक्षिण चीन सागर से अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के जिम्मेदारी वाले क्षेत्र में फिर से तैनात कर रहा है, जिसमें मिडिल ईस्ट शामिल है।
कैरियर स्ट्राइक ग्रुप एक एयरक्राफ्ट कैरियर पर केंद्रित होता है. इसमें कई युद्धपोत होते हैं। इसके अलावा, इसमें एक अटैक सबमरीन भी होता है। बताया जा रहा है कि यूएसएस अब्राहम लिंकन वह एयरक्राफ्ट कैरियर है जो इस क्षेत्र में जा रहा है।
अमेरिकी रक्षा विभाग के दो अधिकारियों ने बताया कि ट्रंप को सैन्य और गुप्त विकल्पों के बारे में जानकारी दी गई थी, जिनका इस्तेमाल ईरान के खिलाफ किया जा सकता है, जो पारंपरिक हवाई हमलों से कहीं आगे तक जाते हैं।
राष्ट्रीय सुरक्षा चर्चाओं की संवेदनशीलता के कारण नाम न छापने की शर्त पर बात करने वाले अधिकारियों ने बताया कि इन विकल्पों में एकीकृत सैन्य, साइबर और मनोवैज्ञानिक अभियान शामिल हैं।
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद 23 जनवरी को इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान में बिगड़ती मानवाधिकार स्थिति को संबोधित करने के लिए एक विशेष सत्र आयोजित करेगी।
अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने कहा कि कुछ अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने दुनिया में अपना प्रभाव खो दिया है और उनमें से कुछ पर कुछ देशों का नियंत्रण है।
हमें उम्मीद है कि अंतरराष्ट्रीय संगठन अपनी जिम्मेदारियों को गंभीरता से लेंगे और वही करेंगे जो लोगों और देशों के लिए अच्छा और उनके सर्वोत्तम हित में हो।
Published on:
24 Jan 2026 08:33 am
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