पाकिस्तान में होने वाली दूसरे दौर की शांति-वार्ता के बारे में बात करते हुए हेफ्लिन ने कहा, "ईरान के लिए बातचीत ज़रूरी है। मुझे लगता है कि ईरान के लिए यह बेहतर होगा कि वो अमेरिका के उपराष्ट्रपति को पाकिस्तान के बीच में ही न छोड़ दें, बल्कि बातचीत के लिए इस्लामाबाद पहुंचे, भले ही बातचीत से कोई ठोस नतीजा न निकले। अगर वो इस्लामाबाद नहीं जाते हैं, तो एक बड़ी समस्या खड़ी हो सकती है।"